दिल्ली के कचरे के पहाड़ खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम, 74.11 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का निपटान : जय भगवान यादव
नई दिल्ली।दिल्ली नगर निगम में नेता सदन जय भगवान यादव ने राजधानी दिल्ली की तीनों प्रमुख डंपसाइट्स — भलस्वा डंपसाइट, गाजीपुर डंपसाइट और ओखला डंपसाइट — से पुराने कचरे को हटाने के अभियान को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक रिकॉर्ड 74.11 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का निपटान किया जा चुका है। यह पिछले तीन वर्षों में सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।जय भगवान यादव ने कहा कि दिल्ली नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे बायोमाइनिंग अभियान की रफ्तार लगातार तेज की गई है। अब प्रतिदिन लगभग 20 हजार टन पुराने कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक और मशीनों के इस्तेमाल से वर्षों से जमा कचरे के पहाड़ तेजी से कम हो रहे हैं, जिससे राजधानी के पर्यावरण में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ओखला डंपसाइट पर तेजी से काम हुआ है और वहां अब केवल 16.40 लाख मीट्रिक टन कचरा शेष रह गया है। निगम प्रशासन का लक्ष्य तय समय सीमा के भीतर इस डंपसाइट को पूरी तरह समाप्त करना है। उनका कहना था कि इससे आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध, प्रदूषण और बीमारियों जैसी समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी।नेता सदन ने कहा कि वर्षों से दिल्ली के लोग कचरे के पहाड़ों की समस्या से परेशान थे, लेकिन अब निगम प्रशासन इस चुनौती का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में मजबूती से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल सफाई अभियान नहीं बल्कि दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाने का बड़ा मिशन है।जय भगवान यादव ने बताया कि बायोमाइनिंग प्रक्रिया के तहत पुराने कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर उसका पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निपटान किया जा रहा है। इससे न केवल जमीन खाली होगी बल्कि भविष्य में इन स्थानों का उपयोग हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास के लिए भी किया जा सकेगा।
उन्होंने निगम अधिकारियों, इंजीनियरों और सफाई कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता की वजह से दिल्ली कचरा मुक्त राजधानी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भलस्वा, गाजीपुर और ओखला के कचरे के पहाड़ पूरी तरह इतिहास बन जाएंगे।
