नई दिल्ली। सैद-उल-अज़ैब में भवन ढहने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए भवन विभाग के दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निगम ने मामले में लापरवाही और प्रभावी निगरानी में कमी को गंभीर मानते हुए यह कदम उठाया है।
एमसीडी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सहायक अभियंता (भवन) सुदेश सिंह चौहान को 30 मई 2026 को सैद-उल-अज़ैब के पश्चिमी मार्ग, गली नंबर-5, खसरा नंबर-262 स्थित संपत्ति के ढहने के मामले में प्रभावी पर्यवेक्षण नहीं करने और अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है।
वहीं, जूनियर इंजीनियर (भवन) अमन जैन को भी इसी मामले में अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और उदासीनता दिखाने के आधार पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से की गई है।
निगम सूत्रों के अनुसार, भवन ढहने की घटना के बाद जिम्मेदारी तय करने के लिए प्रारंभिक जांच की गई थी, जिसमें संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे। इसके बाद जवाबदेही तय करते हुए दोनों अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
एमसीडी की इस सख्त कार्रवाई को भवन सुरक्षा और अवैध निर्माणों पर निगरानी को लेकर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की जांच अभी जारी है और यदि अन्य किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
भवन हादसे के बाद हुई इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि दिल्ली नगर निगम अब ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने के लिए सख्त रुख अपना रहा है।
