सैदुलाजैब हादसे के दोषी भ्रष्ट निगम अधिकारियों पर हो सख्त कार्रवाई, मृतकों और घायलों को मिले उचित मुआवजा : देवेन्द्र यादव

नई दिल्ली, 2 जून 2026। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने सैदुलाजैब में पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे दिल्ली नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार और अवैध निर्माणों से होने वाली कमाई का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक हादसे में छह लोगों की मौत हुई, जिसकी जिम्मेदारी तय करते हुए दोषी अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

देवेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का घटनास्थल का दौरा और मजिस्ट्रेट जांच के आदेश केवल औपचारिकता साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने न तो मृतकों के परिजनों के लिए किसी मुआवजे की घोषणा की और न ही निगम के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की।

उन्होंने मांग की कि मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए तथा घायलों के इलाज और पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाए। साथ ही हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2015 में इस इमारत को अवैध घोषित किया जा चुका था। पुलिस द्वारा कई बार चेतावनी दिए जाने और 2021 में उच्च न्यायालय के निर्देश पर निरीक्षण के बाद इसे ध्वस्त किए जाने योग्य घोषित करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि 2021 से 2026 तक निगम प्रशासन ने कोई कदम क्यों नहीं उठाया और लोगों की जान को खतरे में क्यों डाला गया।

देवेन्द्र यादव ने आरोप लगाया कि मार्च 2026 में भी पुलिस ने अवैध निर्माण को लेकर दो बार चेतावनी दी थी, लेकिन निगम प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट रूप से प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला है, जिसके कारण छह लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

उन्होंने कहा कि सैदुलाजैब की घटना कोई अकेला मामला नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में इमारत ढहने की कई घटनाओं में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने बुराड़ी, दयालपुर, पहाड़गंज, सीलमपुर, दरियागंज, वेलकम, अलीपुर और सब्जी मंडी जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लगातार हो रही ऐसी दुर्घटनाएं निगम प्रशासन की विफलता और भ्रष्टाचार को उजागर करती हैं।

देवेन्द्र यादव ने दावा किया कि पिछले 16 वर्षों में दिल्ली में 21 इमारतें ढहने की घटनाओं में 136 लोगों की मौत और 178 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन हादसों का मुख्य कारण अवैध निर्माण, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही रही है। इसके बावजूद किसी बड़े अधिकारी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने उपराज्यपाल से मांग की कि पिछले 16 वर्षों में इमारत ढहने की सभी घटनाओं की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाए और यह सार्वजनिक किया जाए कि इन मामलों में कितने अधिकारियों को दंडित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित निगम प्रशासन ने हर मामले को दबाने का प्रयास किया है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं लगातार दोहराई जा रही हैं।