नई दिल्ली। राजधानी में मानसून की पहली बारिश ने ही दिल्ली की तैयारियों की हकीकत सामने ला दी। महज 11.9 मिमी बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव, भीषण ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था का ऐसा नजारा देखने को मिला कि जनजीवन घंटों तक प्रभावित रहा। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भाजपा की “चार इंजन सरकार” पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पहली ही बारिश ने सरकार के सभी दावों की पोल खोल दी है।
अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली की सड़कें दरिया में तब्दील हो गईं। स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी तथा आम नागरिक घंटों जाम में फंसे रहे। कई अस्पतालों और मेट्रो स्टेशनों में पानी भर गया, जबकि विभिन्न इलाकों में पेड़ और दीवारें गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। उन्होंने कहा कि राजधानी की यह स्थिति बताती है कि मानसून से पहले किए गए तैयारियों के दावे सिर्फ कागज़ों तक सीमित रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और भाजपा शासित नगर निगम हर साल नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था और मानसून प्रबंधन के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में पूरा सिस्टम जवाब दे गया। उन्होंने कहा कि अगर 11.9 मिमी बारिश में ही दिल्ली की रफ्तार थम जाती है, तो भारी बारिश के दौरान हालात कितने भयावह होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली की जनता अब यह जानना चाहती है कि मानसून तैयारियों पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये आखिर कहां गए। उन्होंने मांग की कि सरकार और नगर निगम इस पूरे मामले की जवाबदेही तय करें, जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों के लिए तत्काल स्थायी समाधान तैयार करें और जनता को हर साल होने वाली इस परेशानी से राहत दिलाएं।
