नई दिल्ली। राजधानी के प्रशांत विहार थाना क्षेत्र में कथित अवैध क्लबों के संचालन को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में कई क्लबों में देर रात तक मुजरे, शराब और हुक्के का कारोबार खुलेआम चलता है। उनका कहना है कि शिकायतें होने के बावजूद इन गतिविधियों पर स्थायी रोक नहीं लग पा रही है।

निवासियों का आरोप है कि समय-समय पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन कुछ ही समय बाद कथित तौर पर वही गतिविधियां फिर शुरू हो जाती हैं। इससे पुलिस की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

इलाके के लोगों का कहना है कि राजधानी में कानून का राज तभी मजबूत माना जाएगा, जब कथित अवैध गतिविधियों पर बिना किसी भेदभाव के प्रभावी कार्रवाई होगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
