यमुना को मिलेगा नई जिंदगी का संबल: मेयर प्रवेश वाही की मौजूदगी में एमसीडी-एनडीडीबी का ऐतिहासिक समझौता

नई दिल्ली। राजधानी की जीवनरेखा यमुना को स्वच्छ, प्रदूषण-मुक्त और पुनर्जीवित करने की दिशा में दिल्ली नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा दिल्ली की मेयर प्रवेश वाही की गरिमामयी उपस्थिति में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

इस ऐतिहासिक समझौते के तहत अब दिल्ली में डेयरियों से निकलने वाले गोबर का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण कर उससे कंप्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) और जैविक खाद तैयार की जाएगी। इसके लिए राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक सीबीजी संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इससे यमुना में जाने वाले अपशिष्ट में कमी आएगी, प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण होगा और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली नगर निगम केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह समझौता यमुना को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ डेयरी अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन का एक नया मॉडल स्थापित करेगा। इससे पशुपालकों को भी लाभ मिलेगा और राजधानी में स्वच्छता अभियान को नई मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत और हरित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए एमसीडी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह पहल दिल्ली को स्वच्छ, प्रदूषण-मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस मॉडल के सफल क्रियान्वयन से न केवल यमुना के प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि दिल्ली में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खाद उत्पादन और अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में भी एक नई शुरुआत होगी।