दिल्ली की गंदगी और सड़कों पर डेरा जमाए आवारा पशुओं पर सत्या शर्मा का बड़ा वार
स्थायी समिति अध्यक्ष ने निगम आयुक्त को लिखा पत्र, हर जोन में सफाई की निगरानी और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश
नई दिल्ली, 10 अगस्त। दिल्ली की सड़कों पर पसरी गंदगी, जगह-जगह जमा कूड़े और प्रमुख मार्गों पर घूमते आवारा पशुओं की समस्या अब दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के निशाने पर है। दिल्ली विधानसभा में जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने निगम प्रशासन को सीधे कठघरे में खड़ा करते हुए निगम आयुक्त को पत्र लिखकर व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
सत्या शर्मा ने साफ कहा है कि दिल्ली की सफाई व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़क और गलियां गंदी मिलीं, कूड़ा समय पर नहीं उठा या नालियों की सफाई में लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने निगम आयुक्त से कहा है कि दिल्ली के सभी क्षेत्रों में नियमित और प्रभावी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं। सड़कों और गलियों की सफाई, कूड़े का समयबद्ध उठान एवं निस्तारण तथा नालियों की सफाई पर विशेष निगरानी रखी जाए।
‘कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखे सफाई’
स्थायी समिति अध्यक्ष ने अधिकारियों को दो टूक संदेश दिया कि जनता की समस्या का समाधान फाइलों और बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। विधानसभा में उठाए गए मुद्दे सीधे दिल्लीवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं, इसलिए कार्रवाई का असर जमीन पर दिखाई देना जरूरी है।
उन्होंने सभी जोन के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करने तथा सफाई कार्यों की प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। जहां सफाई व्यवस्था में कमी मिले, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है।
आवारा पशुओं पर भी निगम को अल्टीमेटम
सड़कों पर आवारा और बेसहारा पशुओं की मौजूदगी को लेकर भी सत्या शर्मा ने निगम प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रमुख सड़कों और मार्गों पर बैठे पशुओं को हटाने की नियमित और प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए तथा उन्हें निर्धारित गौशालाओं एवं अन्य उपयुक्त स्थानों तक पहुंचाने की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सड़कों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा केवल यातायात की समस्या नहीं है, बल्कि इससे दुर्घटनाओं और नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा होता है। ऐसे संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी और लगातार कार्रवाई की जानी चाहिए।
हर जोन में होगी निगरानी, लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
सत्या शर्मा ने निगम आयुक्त से दोनों मुद्दों पर की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता व्यवस्था और आवारा पशुओं की समस्या का समाधान निगम की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।
अब सवाल सिर्फ आदेश जारी करने का नहीं, बल्कि आदेशों को जमीन पर उतारने का है। स्थायी समिति अध्यक्ष ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि विधानसभा में उठे जनहित के मुद्दे फाइलों में दबकर न रह जाएं, बल्कि दिल्ली की सड़कों और गलियों में उनका असर साफ दिखाई दे।बड़ा सवाल जब सफाई और पशु नियंत्रण निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है, तो दिल्लीवासियों को बार-बार विधानसभा में अपनी समस्या उठाने की जरूरत क्यों पड़ रही है?स्थायी समिति अध्यक्ष का संदेश साफ है—जनता की समस्या पर अब सिर्फ रिपोर्ट नहीं, धरातल पर परिणाम चाहिए।
