विभाजन की त्रासदी को याद कर दिल्ली भाजपा ने 14 जिलों में आयोजित की संगोष्ठियां
हर्ष मल्होत्रा बोले—बंटवारे का दंश सिर्फ जमीन का नहीं, रिश्तों, संस्कृति और सदियों की साझा विरासत का भी था
नई दिल्ली, 14 अगस्त। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर दिल्ली भाजपा ने शुक्रवार को सभी 14 संगठनात्मक जिलों में सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से संगोष्ठियों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी और विभाजन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों को नमन किया।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने चांदनी चौक जिला भाजपा की ओर से कश्मीरी गेट में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि 14 अगस्त का दिन जश्न का नहीं, बल्कि उन लाखों देशवासियों को याद करने का दिन है, जिन्होंने देश की एकता के लिए अपना सब कुछ खो दिया। उन्होंने कहा, “बंटवारे का दंश सिर्फ जमीन का नहीं था, ये रिश्तों का, संस्कृति का, सदियों की साझा विरासत का बंटवारा था।”

हर्ष मल्होत्रा ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका परिवार मूल रूप से अमृतसर का रहने वाला था और उनके दादा की पुश्तैनी दुकान लाहौर में थी, जो विभाजन के बाद पाकिस्तान में रह गई। उन्होंने कहा कि उनके बुजुर्गों ने उन्हें विभाजन की भयावहता के बारे में बताया था कि किस तरह ट्रेनें लाशों से भरकर आती थीं, बहन-बेटियों की अस्मिता पर हमले हुए और वर्षों से साथ रह रहे पड़ोसी रातोंरात एक-दूसरे के दुश्मन बन गए।

उन्होंने कहा कि उनके पूर्वजों ने शरणार्थी शिविरों में भूखे-प्यासे दिन बिताए और शून्य से जीवन की शुरुआत की, लेकिन हार नहीं मानी। उन्होंने दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों को अपनी कर्मभूमि बनाया और राष्ट्रसेवा को अपना धर्म माना।

मल्होत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का उद्देश्य नई पीढ़ी को उस त्रासदी से परिचित कराना है, ताकि इतिहास को भुलाया न जाए। उन्होंने कहा कि “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का निर्माण ही विभाजन की पीड़ा सहने वाले पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
चांदनी चौक जिला भाजपा के जिलाध्यक्ष अरविंद गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में सांसद प्रवीन खंडेलवाल, विधायक अशोक गोयल, दिल्ली भाजपा मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर, पूर्व महापौर जयप्रकाश सहित भाजपा के कई पदाधिकारी और निगम पार्षद मौजूद रहे।
सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि विभाजन की पीड़ा सहने वाले परिवारों को नमन करना इस दिवस का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि लाखों परिवार आज दिल्ली में इसलिए हैं, क्योंकि उनके पूर्वज लाहौर, कराची, सियालकोट और अन्य शहरों में अपना सब कुछ छोड़कर भारत आए थे। उन्होंने शून्य से जीवन शुरू किया, लेकिन देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति अपना विश्वास नहीं छोड़ा।
खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के माध्यम से नई पीढ़ी को इतिहास की सच्चाई से अवगत कराने का काम किया है। उन्होंने कहा, “पीड़ित परिवारों का सम्मान और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का निर्माण ही विभाजन दंश सहने वालों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
दिल्ली भाजपा ने अलग-अलग जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी। नवीन शाहदरा जिले की संगोष्ठी को सांसद मनोज तिवारी और प्रदेश महामंत्री मोहनलाल गिहारा ने संबोधित किया। उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिले की संगोष्ठी में मनोज तिवारी और पूर्व महापौर जयप्रकाश शामिल हुए।
दक्षिण दिल्ली जिले में सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी और प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, करोलबाग में सांसद बांसुरी स्वराज और दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, महरौली में रामवीर सिंह बिधूड़ी और पूर्व भाजपा उपाध्यक्ष श्याम जाजू, शाहदरा में विजय गोयल और भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम ने संगोष्ठियों को संबोधित किया।
मयूर विहार में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता, बाहरी एवं उत्तर-पश्चिम दिल्ली जिलों में सांसद योगेंद्र चांदोलिया, नजफगढ़ में सांसद कमलजीत सहरावत और प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश भाटिया, केशवपुरम में दिल्ली सरकार के मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह तथा पश्चिमी जिले में प्रदेश महामंत्री योगिता सिंह ने कार्यक्रमों को संबोधित किया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि विभाजन की त्रासदी से सबक लेते हुए देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना ही आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
