रोहिणी में कचरा प्रबंधन की नई पहल, एरोबिन का लोकार्पण

10 किलो गीला कूड़ा बिन में ही बनेगा खाद, लैंडफिल साइट तक कचरा पहुंचाने पर लगेगी रोक

(नीरज अवस्थी )नई दिल्ली, 23 अगस्त। दिल्ली नगर निगम ने स्रोत पर ही गीले कचरे के निस्तारण और कचरे के पृथक्करण को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल शुरू की है। दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने रविवार को रोहिणी सेक्टर-9 स्थित आत्म वल्लभ हाउसिंग सोसाइटी में एरोबिन और प्लास्टिक वेस्ट ड्रॉप बॉक्स का लोकार्पण किया।

महापौर ने बताया कि एरोबिन की मदद से एक बिन में एक बार में करीब 10 किलो गीले कचरे को बायो कल्चर की सहायता से कंपोस्ट खाद में बदला जा सकता है। इससे गीले कचरे का निस्तारण उसके स्रोत पर ही संभव होगा और कचरे को लैंडफिल साइट तक पहुंचाने की आवश्यकता कम होगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में कचरा प्रबंधन की चुनौती से निपटने के लिए घर और सोसायटी स्तर पर कचरे का पृथक्करण बेहद जरूरी है। एरोबिन जैसी छोटी लेकिन प्रभावी तकनीकों को अपनाकर गीले कचरे का स्थानीय स्तर पर ही निस्तारण किया जा सकता है।

कूड़े को लैंडफिल तक पहुंचने से रोकना लक्ष्य

प्रवेश वाही ने कहा कि ऐसी छोटी-छोटी पहलों को व्यापक स्तर पर अपनाया जाए तो दिल्ली में लैंडफिल साइटों पर पहुंचने वाले कचरे की मात्रा को काफी कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली नगर निगम के स्वच्छता बेड़े में कई आधुनिक मशीनों और उपकरणों को शामिल किया गया है, जिससे राजधानी में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता, कचरा पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान से जोड़ा

महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली नगर निगम ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान को आगे बढ़ाने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और सोसायटियों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखें तथा स्वच्छता अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि निगम और नागरिकों के सामूहिक प्रयास से दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और हरित राजधानी बनाया जा सकता है।