गर्भवती ASO की संदिग्ध मौत पर बवाल, परिजनों ने शव लेने से किया इनकार
पति-ससुराल पर प्रताड़ना के आरोप, द्वारका सेक्टर-23 पुलिस पर FIR दर्ज नहीं करने का आरोप; परिवार ने CBI जांच की मांग की
नई दिल्ली, 23 अगस्त। रक्षा मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) के पद पर कार्यरत 30 वर्षीय नाजिया ख़ानम की द्वारका में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला गरमा गया है। परिजनों का आरोप है कि नाजिया तीन माह की गर्भवती थी और शादी के कुछ ही महीनों बाद उसे पति तथा ससुराल पक्ष द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार ने स्थानीय पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच CBI से कराने की मांग की है। न्याय मिलने तक परिजनों ने शव लेने से भी इनकार कर दिया है।
परिजनों के मुताबिक नाजिया का विवाह 11 अप्रैल 2026 को आज़म अली खान के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही पति आज़म अली खान, सास समीमून निशा और ससुर बाबर अली खान समेत अन्य ससुराल वालों पर गाली-गलौज, मारपीट, घर से निकालने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार का कहना है कि 21 अगस्त की सुबह करीब चार बजे नाजिया के ससुर ने फोन कर सूचना दी कि उसने आत्महत्या कर ली है।
पुलिस पर FIR नहीं लिखने का आरोप
मृतका के भाई शादाब खान का आरोप है कि घटना के बाद परिवार लगातार द्वारका सेक्टर-23 थाने के चक्कर लगा रहा है, लेकिन पुलिस ने अब तक FIR दर्ज नहीं की। परिजनों ने थाना प्रभारी और मामले की जांच से जुड़े अधिकारियों सतपाल व जयपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
SSC CGL पास कर बनी थी ASO
नाजिया के पिता अब्दुल तौवाब खान ट्रक चालक हैं। परिवार के अनुसार बिहार के कंठछपरा गांव से आने वाली नाजिया ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई कर SSC CGL परीक्षा पास की और रक्षा मंत्रालय में ASO के पद तक पहुंची थी। बेटी की मौत से बदहवास पिता ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि जिस बेटी ने संघर्ष कर परिवार का नाम रोशन किया, उसकी मौत का सच सामने आना चाहिए।
CBI जांच की मांग पर अड़ा परिवार
परिजनों ने पति, सास और ससुर के खिलाफ BNS की धारा 80, 85 और 108 के तहत कार्रवाई की मांग की है। साथ ही थाना स्तर पर पुलिस अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की गई है। परिवार का कहना है कि स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए मामला किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी को सौंपा जाना चाहिए।
परिवार की प्रमुख मांगें:
– आरोपी पति, सास और ससुर के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई।
– थाना द्वारका सेक्टर-23 के SHO तथा जांच अधिकारियों की भूमिका की जांच।
– नाजिया की मौत की CBI से निष्पक्ष जांच।
– मौत के कारण और घटनाक्रम की सभी पहलुओं से जांच।
