नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष नाज़िया दानिश ने आली गांव में प्रस्तावित तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दशकों से आली गांव में रह रहे करीब 25 हजार लोगों को बिना वैकल्पिक आवास दिए उजाड़ना मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है।
नाज़िया दानिश ने कहा कि आली गांव में करीब 1800 से 2000 मकानों पर कार्रवाई की बात सामने आ रही है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि इन मकानों को तोड़े जाने के बाद हजारों परिवार आखिर कहां जाएंगे? उन्होंने मांग की कि जब तक प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीति हमेशा ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ की रही है। गरीब परिवारों को उजाड़ने के बजाय उन्हें सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। नाज़िया दानिश ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले भाजपा ने गरीबों को आश्वासन दिया था कि दिल्ली में झुग्गियों और मकानों को नहीं तोड़ा जाएगा, लेकिन अब लगातार गरीब बस्तियों पर कार्रवाई की जा रही है।
एमसीडी नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आली गांव के लोगों में अपने आशियाने छिनने को लेकर भय का माहौल है। सरकार को अदालत के आदेशों की प्रक्रिया के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मानवीय पहलू पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार से स्पष्ट नीति घोषित करने और बिना पुनर्वास किसी भी परिवार को बेघर नहीं करने की मांग की।
