श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का शंखनाद—श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का भव्य शुभारंभ, जयकारों से गूंजा पूरा क्षेत्र
दरियागंज हुआ कृष्णमय, मातृशक्ति की शोभायात्रा ने बांधा भक्ति का समां
नई दिल्ली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के पावन अवसर पर शनिवार को दरियागंज का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्री सनातन धर्म सत्संग सभा, श्री राम मंदिर की ओर से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले धार्मिक महोत्सव की कड़ी में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मातृशक्ति द्वारा निकाली गई भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और भक्ति की अलख जगा दी।

शोभायात्रा में महिलाओं की बड़ी भागीदारी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। धार्मिक उल्लास और भक्ति से सराबोर श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की। शोभायात्रा जिस मार्ग से गुजरी, वहां वातावरण श्रीकृष्ण के जयकारों और भक्ति भाव से गूंज उठा। जन्माष्टमी से पहले दरियागंज में दिखाई दिया यह धार्मिक उत्साह क्षेत्रवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

भागवत कथा से संस्कार और सद्भाव का संदेश
आचार्य तुलसीशरण देव जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके संदेश और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा को प्रमुखता दी जा रही है। आयोजकों का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के माध्यम से समाज में संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करना है।
श्री सनातन धर्म सत्संग सभा, श्री राम मंदिर की यह पहल जन्माष्टमी महोत्सव को केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने का संदेश देती है।

मनोनीत पार्षद मनोज जैन बोले—धर्म और संस्कार ही समाज की ताकत
इस अवसर पर मनोनीत पार्षद मनोज जैन ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को धर्म, कर्म, कर्तव्य और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मनोज जैन ने क्षेत्रवासियों को जन्माष्टमी महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और संस्कारों का प्रकाश फैले।
दरियागंज में दिखा आस्था का विराट रंग
शोभायात्रा के दौरान मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया। श्रद्धा और भक्ति से जुड़े इस आयोजन ने दरियागंज में धार्मिक वातावरण को नई ऊर्जा दी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले हुए इस आयोजन ने क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना दिया है।
