राखियां बंधीं, संकल्पों की झड़ी लगी—अंकुश नारंग बोले, बहनों का साथ हर सुख-दुख में निभाएंगे!
रक्षाबंधन समारोह में दिखा भाई-बहन के रिश्ते का सियासी रंग, राखी बंधवाकर सम्मान और सुरक्षा का लिया संकल्प
नई दिल्ली। रक्षाबंधन के मौके पर आम आदमी पार्टी के नेता एवं एमसीडी नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने क्षेत्र की बहनों के साथ रक्षाबंधन समारोह मनाया। बहनों ने अंकुश नारंग की कलाई पर राखी बांधी तो माहौल भावुक भी हुआ और सियासी मुस्कान से भी भर गया।

राखी बंधवाते हुए नारंग ने बहनों के सम्मान, सुरक्षा और हर सुख-दुख में साथ निभाने का संकल्प लिया। अब भाई ने संकल्प लिया है तो बहनों की उम्मीदें भी बढ़ना स्वाभाविक है क्योंकि राखी की डोरी भले पतली हो, लेकिन भाई से किए वादों की सूची काफी लंबी हो सकती है!

कार्यक्रम में बहनों का स्नेह और आशीर्वाद देखते ही बना। नारंग ने कहा कि बहनों का प्यार और विश्वास उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है। रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि रिश्तों में विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी निभाने का अवसर है।

हालांकि समारोह में सबसे दिलचस्प सवाल यही रहा राखी बंध गई, मिठाई खिल गई और संकल्प भी हो गया, अब इन संकल्पों की ‘डिलीवरी’ कब होगी? बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर अपना काम कर दिया, अब भाई की बारी है कि संकल्पों को जमीन पर उतारकर दिखाएं।
अंकुश नारंग का रक्षाबंधन समारोह इस मायने में खास रहा कि यहां राखी के साथ राजनीति का रंग भी नजर आया। बहनों का प्यार, आशीर्वाद और अपनापन कार्यक्रम की सबसे बड़ी तस्वीर बनकर सामने आया।
