“स्वस्थ विद्यार्थी और सशक्त शिक्षक ही विकसित भारत की मजबूत नींव” — नेता सदन जय भगवान यादव
निगम के स्कूलों में खेल-फिटनेस पर जोर, 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का भव्य समापन
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों में शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में आयोजित 15 दिवसीय शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण शिविर का सोमवार को नजफगढ़ के ककरोला स्थित डॉ. साहब सिंह वर्मा स्टेडियम में भव्य समापन हुआ। निगम के सभी जोनों से करीब एक हजार शिक्षकों ने प्रशिक्षण में हिस्सा लेकर योग, व्यायाम, फिटनेस, खेल गतिविधियों और स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली के विभिन्न पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी हासिल की।
समापन समारोह में सांसद कमलजीत सहरावत, दिल्ली नगर निगम के नेता सदन जय भगवान यादव, नजफगढ़ वार्ड समिति के अध्यक्ष जयवीर राणा, उपाध्यक्ष सुषमा पवन राठी, शिक्षा समिति अध्यक्ष योगेश वर्मा, उपाध्यक्ष अमित खरखड़ी, पार्षद सुदेश गहलोत, अपर आयुक्त शिक्षा संजीव मित्तल, नजफगढ़ उपायुक्त शाश्वत सौरभ और शिक्षा निदेशक निखिल तिवारी सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षक, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य और शिक्षा को साथ लेकर आगे बढ़ने का आह्वान
नेता सदन जय भगवान यादव ने कहा कि निगम के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, खेल और व्यक्तित्व विकास को भी समान प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, “स्वस्थ विद्यार्थी एवं सशक्त शिक्षक ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।”
यादव ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित न रहें, बल्कि प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी को विद्यालयों के प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंचाएं। उन्होंने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विद्यालयी व्यवस्था को मजबूत करने और बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास तथा सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
खेल को अतिरिक्त गतिविधि नहीं, शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने पर जोर
शिक्षा समिति अध्यक्ष योगेश वर्मा ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन और सकारात्मक सोच का विकास होता है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि विद्यालयों में खेल और शारीरिक गतिविधियों को केवल अतिरिक्त गतिविधि न समझकर शिक्षा की मुख्यधारा का हिस्सा बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि सामान्य शिक्षक भी बच्चों की फिटनेस, खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करें तो उसका सीधा लाभ विद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी को मिलेगा।
योग से फिटनेस तक—15 दिन में व्यावहारिक प्रशिक्षण
15 दिनों तक चले शिविर में केवल शारीरिक शिक्षा के विशेषज्ञ शिक्षकों को ही नहीं, बल्कि सामान्य शिक्षकों को भी फिटनेस और शारीरिक शिक्षा से जोड़ा गया। प्रशिक्षण के दौरान योग, व्यायाम, खेल, फिटनेस तथा बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली और अनुशासन विकसित करने के व्यावहारिक तरीकों पर प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना से जोड़ते हुए विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास पर विशेष जोर दिया गया। शिक्षकों को बताया गया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा और शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, टीम भावना, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित करना भी उतना ही जरूरी है।
स्वस्थ, स्वच्छ और नशा-मुक्त भारत का संकल्प
समापन अवसर पर प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों ने स्वस्थ, स्वच्छ और नशा-मुक्त भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों, वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशिक्षकों, आयोजन समिति, शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
प्रशिक्षण का मकसद
सभी जोनों के करीब 1000 शिक्षक शामिल, 15 दिनों तक चला प्रशिक्षण शिविर- योग और व्यायाम पर प्रशिक्षण- खेल एवं फिटनेस गतिविधियों पर जोर- स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली का संदेश विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता स्वस्थ, स्वच्छ और नशा-मुक्त भारत का संकल्प
