डेंगू के आंकड़ों से वाहवाही लूट रही भाजपा शासित MCD, जमीनी हकीकत कुछ और: अंकुश नारंग
नेता प्रतिपक्ष का महापौर पर हमला—फॉगिंग के दावे कागजों में, दिल्ली की गलियों में अब भी जलभराव और गंदगी; मच्छर जनित बीमारियों पर निगम की तैयारियों पर उठाए सवाल
नई दिल्ली, 31 अगस्त। दिल्ली में डेंगू के मामलों में 46 प्रतिशत कमी के महापौर प्रवेश वाही के दावे पर एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित एमसीडी आंकड़ों की बाजीगरी के जरिए अपनी पीठ थपथपा रही है, जबकि दिल्ली की जमीनी हकीकत निगम के दावों से बिल्कुल अलग है।
अंकुश नारंग ने कहा कि महापौर को 1197 स्थानों पर फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के आंकड़े गिनाने के बजाय यह बताना चाहिए कि दिल्ली के कितने इलाकों में नियमित रूप से फॉगिंग हो रही है और कितने मच्छर प्रजनन स्थलों को वास्तव में खत्म किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मानसून के दौरान जलभराव और जगह-जगह जमा गंदगी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल बना रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि निगम की तैयारियां इतनी प्रभावी हैं तो महापौर को केवल प्रतिशत बताने के बजाय इलाकेवार कार्रवाई, फॉगिंग की आवृत्ति और मच्छर प्रजनन स्थलों पर की गई कार्रवाई का पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए।
‘कागजी आंकड़ों से नहीं रुकेगा डेंगू’
नारंग ने कहा कि डेंगू से लड़ाई प्रेस विज्ञप्तियों और समीक्षा बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। दिल्ली की कॉलोनियों, झुग्गी बस्तियों, निर्माण स्थलों, खाली प्लॉटों और जलभराव वाले क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण और कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पहले भी एमसीडी की सफाई व्यवस्था और जलभराव को लेकर सदन में आवाज उठा चुकी है। हाल ही में आप पार्षदों ने नाव लेकर निगम मुख्यालय पहुंचकर जलभराव और कूड़े की समस्या के खिलाफ विरोध दर्ज कराया था।
‘महापौर बताएं, फॉगिंग जमीन पर दिख क्यों नहीं रही?’
अंकुश नारंग ने महापौर से सवाल किया कि अगर निगम ने बड़े पैमाने पर फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव किया है तो दिल्ली के कई इलाकों में मच्छरों की समस्या लगातार क्यों बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ 1197 स्थानों का आंकड़ा बताने से दिल्ली की जनता को राहत नहीं मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा को प्रचार और आंकड़ों की राजनीति छोड़कर मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्थायी और वैज्ञानिक व्यवस्था तैयार करनी चाहिए। निगम को जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय के दावों से आगे बढ़कर वार्ड स्तर पर जवाबदेही तय करनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दिल्ली की जनता को प्रेस विज्ञप्तियों में नहीं, बल्कि अपने घरों और आसपास साफ-सफाई, नियमित फॉगिंग और जलभराव से राहत के रूप में निगम की कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।
