बार-बार शिकायत के बाद भी कंपनी बेपरवाह, पार्षद मुनेश डेढ़ा ने उठाया सवाल—जनता की गंदगी कौन उठाएगा?
कूड़ा नहीं उठा रही मेट्रो वेस्ट, स्थायी समिति में फूटा गुस्सा!
नई दिल्ली। दिल्ली की सफाई व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बार-बार शिकायत और निर्देश के बावजूद मेट्रो वेस्ट कंपनी द्वारा कूड़ा नहीं उठाए जाने का मामला दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति तक पहुंच गया। पार्षद मुनेश डेढ़ा ने बैठक में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाते हुए कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
डेढ़ा ने कहा कि क्षेत्र में जगह-जगह कूड़ा पड़ा है और कंपनी को बार-बार कूड़ा उठाने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जनता की शिकायतों और निगम के निर्देशों का असर कंपनी पर क्यों नहीं हो रहा?
‘निर्देश भी बेअसर, शिकायतें भी बेअसर’
स्थायी समिति में मुद्दा उठाते हुए मुनेश डेढ़ा ने साफ किया कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि किसी कंपनी को कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी दी गई है तो उसे अपनी जिम्मेदारी निभानी ही होगी।उन्होंने अधिकारियों से कंपनी की कार्यप्रणाली पर प्रभावी निगरानी और जवाबदेही तय करने की मांग की। डेढ़ा का कहना था कि जनता को बार-बार शिकायत करने के लिए मजबूर करना और उसके बाद भी कूड़ा सड़कों पर पड़ा रहना सफाई व्यवस्था की गंभीर विफलता है।
कूड़े के ढेर पर उठे सवाल
पार्षद ने मांग की कि जहां-जहां कूड़ा लंबित है, वहां तत्काल उठान कराया जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई में देरी न हो।
स्थायी समिति में मामला उठने के बाद अब निगाहें निगम प्रशासन पर हैं कि मेट्रो वेस्ट कंपनी की लापरवाही पर सिर्फ निर्देश जारी होंगे या वास्तव में जवाबदेही भी तय होगी।
जनता का सीधा सवाल—जब कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी तय है, तो फिर बार-बार शिकायत के बावजूद सड़क पर कूड़ा क्यों?
