प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी को हटाने की मांग पर AICC मुख्यालय के बाहर शक्ति प्रदर्शन, समर्थक गुट ने किया पलटवार—विरोधियों पर छात्रों के दमन का आरोप

नई दिल्ली। बिहार कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान मंगलवार को दिल्ली में खुलकर सड़क पर आ गई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के इंदिरा भवन मुख्यालय के बाहर बिहार कांग्रेस के दो गुट आमने-सामने आ गए। एक गुट जहां प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी को हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा था, वहीं दूसरे गुट ने उनके समर्थन में मोर्चा संभालते हुए विरोधी गुट पर गंभीर आरोप लगाए।

आलाकमान के दरवाजे पर शक्ति प्रदर्शन

AICC मुख्यालय के बाहर दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं के पहुंचने से माहौल गरमा गया। विरोधी गुट का आरोप है कि बिहार संगठन में नेतृत्व को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष बढ़ रहा है और प्रदेश अध्यक्ष तथा प्रभारी को हटाकर संगठन में बदलाव किया जाना चाहिए।

इसके जवाब में समर्थक गुट ने विरोध करने वालों पर ही निशाना साध दिया। समर्थकों का आरोप है कि विरोधी गुट ने छात्रों के दमन की राजनीति की और अब संगठन के नेतृत्व पर सवाल खड़े कर रहा है।

बिहार की लड़ाई पहुंची दिल्ली

प्रदेश संगठन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बिहार से निकलकर कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के दरवाजे तक पहुंच गया है। इंदिरा भवन के बाहर हुए इस आमने-सामने के प्रदर्शन ने पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को सार्वजनिक कर दिया।

एक तरफ नेतृत्व परिवर्तन की मांग, दूसरी तरफ मौजूदा नेतृत्व का बचाव—बिहार कांग्रेस में कौन मजबूत और कौन कमजोर, इसका फैसला अब सड़क पर नहीं बल्कि कांग्रेस आलाकमान के स्तर पर होना तय माना जा रहा है।

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सवाल यह है कि बिहार में कांग्रेस को मजबूत करने की लड़ाई आखिर कब तक आपसी गुटबाजी में उलझी रहेगी?