एमसीडी का बुलडोजर अभियान तेज, 41 ध्वस्तीकरण और 61 सीलिंग से हड़कंप

चांदनी चौक में बेसमेंट की 54 अवैध दुकानें सील, सभी 12 जोनों में कार्रवाई का सिलसिला जारी

नई दिल्ली, 10 सितंबर। सत्या निकेतन हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने अनधिकृत और खतरनाक निर्माण के खिलाफ अपना प्रवर्तन अभियान और तेज कर दिया है। गुरुवार को एमसीडी के सभी 12 जोनों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए 41 संपत्तियों का ध्वस्तीकरण, 61 संपत्तियों की सीलिंग, 32 कारण बताओ नोटिस और तीन ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए।

इससे एक दिन पहले भी एमसीडी ने 46 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण कार्रवाई और 20 संपत्तियों को सील किया था। निगम ने साफ कर दिया है कि खतरनाक इमारतों, अवैध निर्माण, संपत्तियों के दुरुपयोग और भवन उपविधियों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई आने वाले दिनों में और तेज होगी।

पीजी भवन भी निगम के रडार पर

MCD ने दिल्लीभर में पीजी भवनों का व्यापक सर्वेक्षण शुरू किया है। अब तक 1,355 पीजी भवनों की पहचान की गई है, जिनमें करीब 27 हजार लोग रह रहे हैं। निगम का कहना है कि सर्वेक्षण का उद्देश्य पीजी भवनों का विस्तृत डेटाबेस तैयार करना और आगे की नियामक एवं प्रवर्तन कार्रवाई की रूपरेखा तय करना है।

चांदनी चौक में 54 अवैध दुकानें सील

सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी के निर्देशों के अनुपालन में चांदनी चौक के कूचा महाजनी में भी बड़ी कार्रवाई की गई। बेसमेंट में संचालित 54 अवैध दुकानों को सील कर दिया गया। एमसीडी के मुताबिक इन परिसरों में यूबीबीएल-2016 और एमपीडी-2021 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया था। आवश्यक अग्निशमन एवं अन्य वैधानिक स्वीकृतियां नहीं होने को भी कार्रवाई का आधार बनाया गया।

खुरेजी से उत्तम नगर तक चला बुलडोजर

ईस्ट जोन के खुरेजी खास, जगतपुरी और लक्ष्मी नगर में कई स्थानों पर कार्रवाई की गई। वेस्ट जोन में पश्चिम पुरी, मादीपुर, सुभाष नगर, विपिन गार्डन, बक्करवाला, नांगली विहार और निहाल विहार में अवैध रूफ पैनल, स्लैब, दीवारों और अन्य अनधिकृत हिस्सों को ध्वस्त किया गया।

सेंट्रल जोन के मदनपुर खादर एक्सटेंशन में जी+5 भवन की पांचवीं मंजिल के चार पैनल काटने के बाद पूरी इमारत को सील कर दिया गया।

एमसीडी ने संकेत दिया है कि चिह्नित की जा चुकी अन्य संपत्तियों पर भी जल्द कार्रवाई होगी। निगम के अनुसार जनसुरक्षा और भवन नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है।