मेयर प्रवेश वाही और नेता सदन जय भगवान यादव ने किया ‘प्राचीन दादा मालदेव द्वार’ का लोकार्पण, बड़ी संख्या में उमड़े ग्रामीण
नांगल ठाकरान की ऐतिहासिक धरती पर गूंजा विरासत का गौरव
नई दिल्ली। नांगल ठाकरान की ऐतिहासिक धरती पर क्षेत्र की गौरवशाली विरासत, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को समर्पित ‘प्राचीन दादा मालदेव द्वार’ का भव्य लोकार्पण किया गया। लोकार्पण समारोह में दिल्ली की मेयर प्रवेश वाही और नगर निगम नेता सदन जय भगवान यादव ने भारी संख्या में उपस्थित क्षेत्रीय लोगों के साथ शामिल होकर ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नमन किया। द्वार के लोकार्पण को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक पहुंचे।

समारोह में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मेयर प्रवेश वाही और नेता सदन जय भगवान यादव ने कहा कि किसी भी समाज की असली ताकत उसकी संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत में होती है। नांगल ठाकरान जैसे ऐतिहासिक गांवों की पहचान केवल उनकी भौगोलिक स्थिति से नहीं, बल्कि यहां की गौरवशाली परंपराओं और वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत से बनती है। ‘प्राचीन दादा मालदेव द्वार’ इस विरासत को सम्मान देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास और जड़ों से जोड़ने का काम करेगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली तेजी से आधुनिक शहर के रूप में विकसित हो रही है, लेकिन विकास के साथ-साथ अपनी ऐतिहासिक पहचान और ग्रामीण संस्कृति को संरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है। ऐसे स्मारक और प्रवेश द्वार क्षेत्र के इतिहास की पहचान बनते हैं और लोगों में अपनी विरासत के प्रति गौरव की भावना को मजबूत करते हैं।
मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली नगर निगम क्षेत्र के विकास के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर लोगों की भावनाओं और ऐतिहासिक महत्व से जुड़े विषयों को भी प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, निगम अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

नगर निगम नेता सदन जय भगवान यादव ने कहा कि नांगल ठाकरान की धरती का अपना ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व है। दादा मालदेव द्वार क्षेत्र की पहचान और गौरव का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की भावनाओं से जुड़े ऐसे कार्य समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को इस महत्वपूर्ण अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि दिल्ली के गांवों की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित करना सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में उत्तर-पश्चिमी लोकसभा सांसद योगेंद्र चंदोलिया, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री रवीन्द्र इंद्राज, निगम पार्षद अंजू डबास, बबीता डबास, मंडल अध्यक्ष कुलदीप ठाकरान सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद रहे।
लोकार्पण समारोह के दौरान लोगों ने पारंपरिक विरासत और क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को सम्मान देने वाले इस प्रयास का स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि दादा मालदेव द्वार नांगल ठाकरान की पहचान को और मजबूत करेगा तथा गांव में आने वाले लोगों के लिए क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख प्रतीक बनेगा।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय लोगों से संवाद भी किया और क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। समारोह ने यह संदेश भी दिया कि आधुनिक विकास के साथ अपनी ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखना ही संतुलित और समृद्ध विकास की सही दिशा है।
