11 छात्राओं की शिकायतों पर जेएनयू ने कांग्रेस सांसद को प्रोफेसर पद से हटाया
भाजपा का राहुल-प्रियंका गांधी पर निशाना, पूछा—महिला उत्पीड़न के मुद्दे पर अब चुप्पी क्यों?
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने मणिपुर की इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को प्रोफेसर पद से बर्खास्त कर दिया है। विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। सांसद पर 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें की थीं। विश्वविद्यालय ने 9 अक्टूबर को जारी आदेश में उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं।
इस मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। भाजपा ने पूछा कि महिलाओं के अधिकारों और उत्पीड़न के मुद्दे पर मुखर रहने वाली प्रियंका गांधी अपने ही दल के सांसद से जुड़े इस मामले पर जवाब क्यों नहीं दे रही हैं।भाजपा ने सवाल उठाया कि जब महिला उत्पीड़न के मामलों में कांग्रेस के नेता दूसरी पार्टियों से जवाब मांगते हैं, तो अपने सांसद से जुड़े गंभीर मामले में पार्टी का रुख क्या है? भाजपा ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की है।
डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में इनर मणिपुर सीट से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुए थे। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को 1,09,801 मतों के अंतर से हराया था। वह जेएनयू के सामाजिक विज्ञान विद्यालय के अंतर्गत सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अकोइजाम ने अपनी बर्खास्तगी पर सवाल उठाते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया है और जांच प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई है। ऐसे में विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच और उसके आधार पर की गई कार्रवाई के साथ-साथ सांसद की आपत्तियां भी इस मामले का हिस्सा हैं।फिलहाल इस मामले ने कांग्रेस नेतृत्व पर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। भाजपा की मांग है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करें।
