नई दिल्ली, 17 अक्टूबर।दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने शनिवार को सिविक सेंटर स्थित केदारनाथ साहनी सभागार में ‘रिफॉर्म उत्सव 2026’ का आयोजन किया। कार्यक्रम में दिल्ली को स्वच्छ बनाने, कचरे का स्रोत पर पृथक्करण सुनिश्चित करने और जीरो वेस्ट कॉलोनियों को बढ़ावा देने के लिए जनभागीदारी मजबूत करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में डेम्स समिति के अध्यक्ष संदीप कपूर, निगमायुक्त संजीव खिरवार, अतिरिक्त निगमायुक्त प्रसन्ना रामास्वामी और विभिन्न जोनों के उपायुक्त मौजूद रहे।
कार्यक्रम में पहले से जीरो वेस्ट घोषित 823 से अधिक कॉलोनियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को अपने अनुभव और स्वच्छता संबंधी सर्वोत्तम प्रयास साझा करने का अवसर मिला। वहीं, 400 से अधिक संभावित कॉलोनियों और आरडब्ल्यूए को जीरो वेस्ट का दर्जा हासिल करने की दिशा में एमसीडी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के लिए आमंत्रित किया गया।
कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों और एजेंसियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इनमें वाई वेस्ट वेडनेसडेज फाउंडेशन, आईपीसीए, इकोप्रबंधन, यूबंटू, वन स्टेप ग्रीनर और स्वच्छ अधिकार शामिल रहे।

स्रोत पर कचरे का पृथक्करण जरूरी : संदीप कपूर
डेम्स समिति के अध्यक्ष संदीप कपूर ने कहा कि दिल्ली में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एमसीडी कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावी कचरा प्रबंधन के लिए घरों और संस्थानों में ही गीले तथा सूखे कचरे को अलग करना जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से कचरे के पृथक्करण और उसके उचित प्रसंस्करण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। साथ ही लैंडफिल पर दबाव कम करने के लिए विकेंद्रीकृत कचरा प्रसंस्करण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

आरडब्ल्यूए को हरसंभव सहयोग देगा निगम : संजीव खिरवार
निगमायुक्त संजीव खिरवार ने कहा कि एमसीडी जीरो वेस्ट कॉलोनियों और आरडब्ल्यूए के प्रयासों को मजबूत करने के लिए हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने बताया कि सभी वार्डों में सफाई संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं, ताकि सफाई और कचरा संग्रहण सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि कचरे के पृथक्करण और प्रसंस्करण को प्रभावी बनाने के लिए आरडब्ल्यूए से मिलने वाले सुझावों पर उचित विचार किया जाएगा।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि कचरा प्रबंधन की चुनौतियों से निपटने के लिए नागरिकों, आरडब्ल्यूए, बल्क वेस्ट जनरेटर, गैर-सरकारी संगठनों और एमसीडी को मिलकर काम करना होगा। गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण, खाद निर्माण, पुनर्चक्रण तथा विकेंद्रीकृत प्रसंस्करण से लैंडफिल पर निर्भरता कम की जा सकती है। इन प्रयासों का लक्ष्य दिल्ली में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कचरे का शत-प्रतिशत प्रसंस्करण सुनिश्चित करना है।
