दिल्ली में सफाई व्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार, 1000 मैकेनिकल लिटर पिकर्स की तैनाती शुरू

सरिता विहार में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एफसीटीएस प्लांट का किया उद्घाटन, पहले चरण में 50 मशीनों को दिखाई हरी झंडी

नई दिल्ली, 17 अक्टूबर।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को सरिता विहार के एम ब्लॉक में फिक्स्ड कम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) प्लांट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली नगर निगम के सभी 250 वार्डों में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बिखरे कूड़े को उठाने के लिए 1000 मैकेनिकल लिटर पिकर्स की तैनाती की शुरुआत की। पहले चरण में 50 मशीनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसके अलावा घर-घर से कूड़ा संग्रहण और परिवहन के लिए नए वाहनों को भी रवाना किया गया। इन वाहनों के संचालन के लिए 35 महिला ड्राइवरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, मेयर प्रवेश वाही, डिप्टी मेयर मोनिका पंत, स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन जय भगवान यादव, स्थायी समिति उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह और निगमायुक्त संजीव खिरवार सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में सफाई व्यवस्था और कूड़े का उचित प्रबंधन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार अगले 15 से 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक योजना पर काम कर रही है, ताकि राजधानी को कचरे की समस्या से मुक्त किया जा सके।

उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले करीब 15 हजार मीट्रिक टन कूड़े में से केवल 6 से 7 हजार मीट्रिक टन का ही प्रसंस्करण हो पाता था। इस स्थिति में सुधार के लिए नए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाने, मौजूदा संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने, ई-वेस्ट सेंटर स्थापित करने और गोबर के प्रबंधन के लिए बायोगैस प्लांट लगाने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कूड़े का उसी दिन प्रसंस्करण और निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी जोन की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 428 ऑटो टिपर, 128 ई-रिक्शा, 25 टाटा 407 वाहन, 32 रिफ्यूज कॉम्पैक्टर, 30 हुक लोडर और 100 कॉम्पैक्टर बिन उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त 1500 स्टील कूड़ेदान, 300 एचडीपीई कूड़ेदान और बागवानी कचरे के परिवहन के लिए 10 टिपर ट्रक भी उपलब्ध कराए गए हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने निगम को 1000 बैटरी चालित पिकर मशीनें उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इनमें से 150 मशीनें आ चुकी हैं और शेष मशीनें अगले एक महीने में उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसके अलावा 100 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों के लिए भी धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से पुराने कपड़ों को कूड़े में फेंकने के बजाय मेट्रो स्टेशनों के पास स्थापित ‘अर्पण’ केंद्रों पर जमा कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि पुरानी और खंडित मूर्तियों तथा पूजा सामग्री के अलग संग्रहण और प्रसंस्करण के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। दिल्ली के सभी 250 वार्डों में विसर्जन कियोस्क स्थापित करने की योजना है, जिनमें से करीब 100 स्थापित किए जा चुके हैं।

मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाने के लिए नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने नागरिकों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, घरेलू कचरा निर्धारित संग्रहण व्यवस्था को सौंपने और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी नहीं फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कचरा मुक्त दिल्ली बनाने के लिए निगम के प्रयासों के साथ नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।