दो करोड़ के फंड पर ‘आप’ का हंगामा, भाजपा के बचाव में उतरी कांग्रेस: अंकुश नारंग
सात महीने बाद भी पार्षदों को सिर्फ 50 लाख रुपये मिलने का आरोप, शगुफ्ता जुबैर चौधरी से अभद्रता और हाथापाई का मुद्दा भी गरमाया
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर। एमसीडी सदन की बैठक में पार्षदों के विकास फंड को लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच टकराव देखने को मिला। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने प्रत्येक पार्षद को दो करोड़ रुपये का फंड देने का वादा किया था, लेकिन सात महीने बीतने के बाद भी केवल 50 लाख रुपये ही दिए गए हैं। बाकी राशि जारी करने की मांग को लेकर ‘आप’ पार्षदों ने सदन में सवाल उठाए। इस दौरान कांग्रेस और भाजपा के बीच कथित मिलीभगत को लेकर भी विवाद गहरा गया।

एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि जैसे ही ‘आप’ पार्षदों ने दो करोड़ रुपये के फंड का हिसाब मांगा, कांग्रेस भाजपा के बचाव में उतर आई। उन्होंने कांग्रेस पार्षद नाजिया दानिश पर भाजपा के इशारे पर ‘आप’ पार्षद शगुफ्ता जुबैर चौधरी के खिलाफ व्यक्तिगत और अभद्र टिप्पणियां करने का आरोप लगाया। नारंग ने कहा कि जनता के हक के फंड पर जवाब देने के बजाय मुद्दे को भटकाने की कोशिश की गई।

अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा ने सदन और स्थायी समिति में प्रत्येक पार्षद को दो करोड़ रुपये देने की बात कही थी, लेकिन अब तक केवल 50 लाख रुपये ही मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिवाली नजदीक होने के बावजूद शेष राशि जारी करने की कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि पार्षद अपने क्षेत्र के विकास और जनता के अधिकारों के लिए फंड मांग रहे हैं, कोई भीख नहीं।

नारंग ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा अपने पार्षदों के लिए मुख्यमंत्री विकास निधि (सीएमडीएफ) की व्यवस्था कर रही है, जबकि आम आदमी पार्टी के पार्षदों को उनका पूरा फंड नहीं मिल रहा है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि वह जनता के मुद्दों पर सवाल उठाने के बजाय भाजपा का बचाव क्यों कर रही है। नारंग ने नाजिया दानिश की कथित अभद्र टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए उनसे और मेयर प्रवेश वाही से सदन में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
शगुफ्ता जुबैर चौधरी ने कहा—जनता का पैसा मांगना भीख नहीं विवाद के केंद्र में रहीं ‘आप’ पार्षद शगुफ्ता जुबैर चौधरी ने आरोप लगाया कि सदन में उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा था। उन्होंने अपने हाथों पर खरोंच दिखाते हुए कहा कि मुद्दों पर बहस करने के बजाय हाथापाई की नौबत आना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वह अपने क्षेत्र की जनता के लिए फंड मांग रही थीं और यह पूरे सदन का पैसा है, जिसे सभी पार्षदों को बराबर मिलना चाहिए।
शगुफ्ता ने आरोप लगाया कि सदन में माइक को लेकर विवाद हुआ और नाजिया दानिश ने उनके साथ हाथापाई की। उन्होंने कहा कि जब तक सदन में महिलाओं के सम्मान और पार्षदों को अपनी बात रखने के अधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी दल की महिला पार्षद का अपमान नहीं होना चाहिए।
प्रदूषण और कूड़े के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा एमसीडी के सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस ने मिलकर सदन की कार्यवाही बाधित की, ताकि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण, कूड़े की समस्या और निगम के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा न हो सके।
प्रवीण कुमार ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण और कूड़े की समस्या गंभीर बनी हुई है। उन्होंने कलसुआ में लगाए गए 52 हजार बांस के पौधों के कूड़े में दबने का आरोप लगाते हुए कहा कि सदन में इन बुनियादी मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निगम के अधिकारी पार्षदों के फोन नहीं उठा रहे हैं और उनके काम नहीं हो रहे हैं।
प्रवीण कुमार ने कहा कि आम आदमी पार्टी सदन चलाकर जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा चाहती थी, लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने कार्यवाही बाधित की। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में निगम के कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़े मुद्दे उठने से रोकने के लिए विवाद को दूसरी दिशा में ले जाया गया।
आम आदमी पार्टी ने दो करोड़ रुपये के फंड का हिसाब देने, शेष राशि जारी करने और सदन में कथित अभद्रता के लिए माफी मांगने की मांग दोहराई।
