छह मजदूरों की मौत, फिर भी एमसीडी के बड़े अधिकारी और महापौर की जवाबदेही कहां? अंकुश नारंग ने घेरा निगम प्रशासन
चावड़ी बाजार हादसे में JE और AE पर कार्रवाई तक सीमित एमसीडी; सिटी एसपी जोन की DC, बिल्डिंग विभाग के XEN और महापौर की भूमिका पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। चावड़ी बाजार की गली सितारा में इमारत गिरने से छह मजदूरों की मौत ने दिल्ली नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में एमसीडी नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने निगम प्रशासन को घेरते हुए पूछा है कि आखिर छह लोगों की जान जाने के बाद भी जवाबदेही केवल जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) तक ही क्यों सीमित रखी जा रही है?
नारंग ने सवाल उठाया कि सिटी एसपी जोन की डिप्टी कमिश्नर (DC), बिल्डिंग विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (XEN) और निगम के शीर्ष नेतृत्व की जवाबदेही कब तय होगी? क्या दिल्ली नगर निगम में बड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं है? क्या महापौर केवल उद्घाटन, कार्यक्रमों और बैठकों तक सीमित रहेंगे या ऐसे जानलेवा हादसों पर भी जवाब देंगे?
महापौर से सीधे सवाल: छह मौतों का जवाब कौन देगा?
हादसे के बाद महापौर की ओर से जवाबदेही तय करने और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच को लेकर क्या ठोस कदम उठाए गए हैं? क्या महापौर ने संबंधित DC और XEN से जवाब तलब किया है? क्या निगम प्रशासन ने यह पता लगाने की कोशिश की कि इमारत की स्थिति, निर्माण गतिविधियों और संभावित खतरे को लेकर विभागीय स्तर पर क्या निगरानी की जा रही थी?
JE-AE पर गाज, DC-XEN पर चुप्पी क्यों?
निगम में किसी भी क्षेत्र की भवन सुरक्षा और अवैध निर्माण पर निगरानी एक पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है। ऐसे में छह मजदूरों की मौत के बाद केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई करके पूरे मामले को समाप्त नहीं किया जा सकता। यह भी जांच होनी चाहिए कि वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया या नहीं।
अंकुश नारंग ने मांग की कि सिटी एसपी जोन की DC, बिल्डिंग विभाग के XEN और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई हो।
महापौर और निगम आयुक्त को जनता के सामने जवाब देना चाहिए कि छह मजदूरों की मौत की प्रशासनिक जिम्मेदारी किसकी है?
दिल्ली की जनता को निलंबन की छोटी-मोटी कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरी जवाबदेही चाहिए। सवाल अब भी कायम है—छह मजदूरों की जान गई, JE और AE पर कार्रवाई हुई, लेकिन DC, XEN और निगम के राजनीतिक नेतृत्व की जवाबदेही कब तय होगी?
