एमसीडी में अधिकारियों के वार्षिक रोटेशन की मांग, नामित पार्षद मनोज जैन ने महापौर को लिखा पत्र

नई दिल्ली, 25 मई। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की मांग उठी है। एमसीडी के नामित पार्षद मनोज कुमार जैन ने महापौर प्रवेश वाही को पत्र लिखकर निगम के विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों के वार्षिक क्षेत्रीय एवं विभागीय रोटेशन की व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया है।

मनोज कुमार जैन ने अपने पत्र में कहा है कि कई अधिकारी वर्षों तक एक ही क्षेत्र या विभाग में तैनात रहते हैं, जिससे प्रशासनिक निष्पक्षता, पारदर्शिता और कार्यकुशलता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। उनका कहना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थापना रहने से स्थानीय प्रभाव बढ़ सकता है तथा अनियमितताओं की संभावनाएं भी जन्म ले सकती हैं।

उन्होंने महापौर से मांग की है कि एमसीडी के सभी विभागों में अधिकारियों के क्षेत्र और दायित्वों का प्रतिवर्ष रोटेशन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही स्थानांतरण एवं दायित्व परिवर्तन के लिए एक स्पष्ट, पारदर्शी और जवाबदेह नीति बनाई जाए, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सके।

नामित पार्षद ने यह भी सुझाव दिया कि अधिकारियों के स्थानांतरण और जिम्मेदारियों में बदलाव संबंधी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाए। उनका मानना है कि इससे निगम प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत होगा और सुशासन को बढ़ावा मिलेगा।

मनोज कुमार जैन ने विश्वास जताया कि वार्षिक रोटेशन व्यवस्था लागू होने से एमसीडी की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ेगी तथा दिल्लीवासियों को बेहतर नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने महापौर से इस विषय पर शीघ्र विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस मांग को एमसीडी में प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।