नई दिल्ली। श्रमिकों एवं वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अमावस्या फाउंडेशन ने शाहदरा में “अमावस्या ज्ञानशाला” की पहली शाखा का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना और उनके सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है।
ज्ञानशाला का उद्घाटन दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त Ajit Singla तथा शाहदरा के पुलिस उपायुक्त R. P. Meena ने किया। कार्यक्रम में श्री पंचमहाभूत परमहंस अखाड़ा के महामंडलेश्वर Brahmacharya Paramhans Ji Maharaj मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
संयुक्त पुलिस आयुक्त अजीत सिंगला ने कहा कि बचपन से मिलने वाली शिक्षा और संस्कार बच्चों को सही दिशा प्रदान करते हैं तथा उन्हें अपराध और सामाजिक बुराइयों से दूर रखते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज में सकारात्मक बदलाव का सबसे प्रभावी माध्यम है और अमावस्या फाउंडेशन का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है।
पुलिस उपायुक्त आर. पी. मीणा ने कहा कि श्रमिकों के बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसी ज्ञानशालाओं का विस्तार अन्य क्षेत्रों में भी किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सके।
महामंडलेश्वर ब्रह्मचर्य परमहंस जी महाराज ने शिक्षा को सबसे बड़ा दान बताते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह शिक्षा का प्रकाश अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में योगदान दे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति, परिवार और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।
अमावस्या फाउंडेशन की कार्यकारी अध्यक्ष वेदिका ने बताया कि यह ज्ञानशाला की पहली शाखा है और समाज के सहयोग से भविष्य में देश के विभिन्न जिलों में ऐसी कई शाखाएं स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का लक्ष्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना भी है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को कॉपी, किताबें, पेंसिल, स्कूल बैग और स्कूल ड्रेस वितरित की गईं। बच्चों और उनके अभिभावकों ने इस पहल के लिए फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार राजीव निशाना, समाजसेवी अजय शेट्टी, विकास जैन, संजय जैन, सुषमा गुप्ता, अमावस्या फाउंडेशन के सचिव योगेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष दिव्यांशु सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
ज्ञानशाला की दीवारों पर शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक जीवन मूल्यों को दर्शाती आकर्षक चित्रकला भी बनाई गई है। यह कलात्मक कार्य दीक्षांत एवं उनकी टीम द्वारा तैयार किया गया, जिसकी उपस्थित अतिथियों और स्थानीय नागरिकों ने सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में अमावस्या फाउंडेशन ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के अपने संकल्प को दोहराया। फाउंडेशन ने भविष्य में भी सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
