नई दिल्ली, 23 जून 2026। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा के बहुचर्चित IDFC फर्स्ट बैंक फंड गबन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। वह उस समय स्कूल शिक्षा विभाग और कृषि विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थे। CBI ने उन्हें सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और गबन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है।
CBI जांच के अनुसार, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के खाते चंडीगढ़ स्थित IDFC फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 शाखा में वित्त विभाग के नियमों के विपरीत खोले गए थे। बाद में इन खातों में निर्धारित सीमा से अधिक सरकारी धन जमा कराया गया। आरोप है कि इन खातों के माध्यम से फर्जी लेन-देन कर करीब 60.54 करोड़ रुपये की सरकारी राशि का गबन किया गया, जिससे राज्य सरकार को भारी नुकसान हुआ।
यह मामला हरियाणा सरकार के अनुरोध पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से CBI को सौंपा गया था। जांच में सामने आया कि यह गड़बड़ी एक बड़े बैंकिंग घोटाले का हिस्सा है, जिसमें हरियाणा सरकार के आठ विभागों के लगभग 504 करोड़ रुपये विभिन्न शेल कंपनियों और फर्जी संस्थाओं तक पहुंचाए गए।
CBI अब तक इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इनमें बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों, निजी कंपनियों और अन्य व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। इससे पहले इसी मामले में वरिष्ठ IAS अधिकारी आर. के. सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था। उन्हें पंचकूला नगर निगम से जुड़े धन गबन प्रकरण में पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
CBI ने कहा है कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच जारी है और गबन की गई राशि के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए कार्रवाई तेज़ कर दी गई है।
