राजधानी को जलभराव मुक्त बनाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी, 3.4 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक सिल्ट हटाई गई : सत्या शर्मा

नई दिल्ली, 24 जून 2026। मानसून से पहले दिल्ली में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम ने व्यापक स्तर पर तैयारियां तेज़ कर दी हैं। दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में राजधानी को जलभराव मुक्त बनाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं और इसके सकारात्मक परिणाम भी दिखाई देने लगे हैं।

सत्या शर्मा ने बताया कि निगम द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र के बड़े और छोटे सभी नालों की डी-सिल्टिंग, सफाई और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान नागरिकों को परेशानी न हो, इसके लिए नालों की समयबद्ध सफाई और नियमित निगरानी सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम, लोक निर्माण विभाग (PWD), सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग समेत अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर संयुक्त रूप से कार्य कर रहा है। विभिन्न विभागों के बीच तालमेल के कारण जल निकासी से जुड़े कार्यों में तेजी आई है और संभावित बाधाओं को समय रहते दूर किया जा रहा है।

स्थायी समिति अध्यक्ष के अनुसार मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में अब तक 3.4 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक सिल्ट नालों से निकाली जा चुकी है। उन्होंने इसे राजधानी में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि बेहतर मानसून प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।

सत्या शर्मा ने बताया कि नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए 311 ऐप को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। इसके माध्यम से लोग नालों की सफाई और जल निकासी से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ी हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम का लक्ष्य राजधानी को स्वच्छ, सुरक्षित और जलभराव मुक्त बनाना है। इसके लिए सभी विभागों को मानसून से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी करने और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

सत्या शर्मा ने विश्वास जताया कि दिल्ली सरकार, नगर निगम और नागरिकों के साझा प्रयासों से इस वर्ष मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा तथा दिल्लीवासियों को बेहतर और सुगम नागरिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।