नालों की सफाई पर भाजपा सरकार घिरी, सिल्ट दोबारा नालों में पहुंचने से जलभराव का खतरा बढ़ा: अंकुश नारंग
नई दिल्ली, 27 जून। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने राजधानी में नालों की सफाई के बाद निकाली गई सिल्ट को समय पर नहीं हटाए जाने पर भाजपा सरकार और एमसीडी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने के बावजूद कई स्थानों पर नालों के किनारे पड़ी सिल्ट दोबारा नालों में बह गई, जिससे पूरे सफाई अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा सरकार ने नालों की सफाई के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए और प्रचार किया, लेकिन निकाली गई सिल्ट के समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रशासनिक लापरवाही राजधानी में जलभराव की समस्या को और गंभीर बना सकती है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष नालों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन यदि सिल्ट को समय पर नहीं हटाया जाता और वह दोबारा नालों में पहुंच जाती है, तो यह जनता के पैसे की बर्बादी है। इसका खामियाजा दिल्लीवासियों को जलभराव, ट्रैफिक जाम और गंदगी के रूप में भुगतना पड़ता है।
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि नालों की सफाई और सिल्ट के निस्तारण में हुई लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही राजधानी के सभी नालों से निकाली गई सिल्ट को तत्काल हटाकर उसके वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मानसून के दौरान लोगों को जलभराव जैसी समस्याओं से राहत मिल सके।
अंकुश नारंग ने कहा कि केवल प्रचार और फोटो खिंचवाने से दिल्ली की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। सरकार को जवाबदेही तय कर जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि राजधानी की जल निकासी व्यवस्था वास्तव में बेहतर हो सके।
