खड़ी रहीं EV, अब 75 ड्राइवरों पर नौकरी का संकट? कांग्रेस नेत्री नाज़िया दानिश का भाजपा सरकार पर तीखा हमला

नई दिल्ली।दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेत्री नाज़िया दानिश ने भाजपा सरकार और नगर निगम पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर निगम मुख्यालय में करोड़ों रुपये की लागत से खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहन वर्षों से बेकार खड़े हैं।

नाज़िया दानिश ने कहा कि यदि इन वाहनों का समय पर संचालन किया गया होता तो सरकारी संपत्ति का बेहतर उपयोग होता और आज 75 ड्राइवरों के सामने नौकरी जाने का संकट पैदा नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही का खामियाजा अब कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कई बार सवाल उठाए गए, लेकिन हर बार केवल जांच का आश्वासन दिया गया। न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई और न ही इन वाहनों को चालू करने की कोई ठोस योजना सामने आई।

कांग्रेस नेत्री ने कहा कि यह मामला केवल करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति के दुरुपयोग का नहीं, बल्कि 75 परिवारों की आजीविका से भी जुड़ा है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत पूरे मामले की जवाबदेही तय करे, इलेक्ट्रिक वाहनों को संचालन में लाए और सभी प्रभावित ड्राइवरों की नौकरी सुरक्षित रखने की गारंटी दे।

नाज़िया दानिश ने आरोप लगाया कि भाजपा की EV नीति केवल प्रचार तक सीमित दिखाई दे रही है, जबकि जमीनी स्तर पर सरकारी संसाधन बर्बाद हो रहे हैं और कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।