​’बजाते रहो भारत न्यूज़’ इंपैक्ट: MCD शिक्षा विभाग के एडिशनल कमिश्नर ने खोल दिए राहत के रास्ते, दूरी और मेडिकल ग्राउंड पर मिलेगी छूट

नई दिल्ली:

श्रावणी मिश्रा
दिल्ली नगर निगम (MCD) के शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में लगभग 2000 कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों में से 550 शिक्षकों के तबादले का फैसला चर्चा में है। जहां इस आदेश को लेकर कुछ शिक्षकों में असंतोष देखा जा रहा है, वहीं नगर निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह कदम पूरी तरह से छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

​इस मुद्दे पर ‘बजाते रहो भारत न्यूज़’ की पत्रकार श्रावणी मिश्रा ने शिक्षा विभाग के अतिरिक्त आयुक्त संजीव मित्तल से सीधी बातचीत की। इस दौरान अतिरिक्त आयुक्त ने प्रशासनिक पक्ष को दृढ़ता से रखते हुए शिक्षकों को राहत देने वाले कई महत्वपूर्ण आश्वासन भी दिए।
​’बच्चों के भविष्य के साथ नहीं हो सकता समझौता’

 

 

​अतिरिक्त आयुक्त संजीव मित्तल ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि निगम के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “हम शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं को बखूबी समझते हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य के साथ समझौता नहीं किया जा सकता।”

प्रशासन का तर्क है कि यदि शिक्षक दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत कार्यरत हैं, तो उन्हें निगम के किसी भी जोन के स्कूल में अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार रहना चाहिए। शिक्षा विभाग अपनी तरफ से ट्रांसफर ऑर्डर जारी कर चुका है, और प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी संबंधित कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों को बिना किसी देरी के अपनी नई जगहों पर जॉइनिंग देनी चाहिए।

 

​जेनुइन शिकायतों पर तुरंत मिलेगी राहत:

​हालांकि, प्रशासन ने इस पूरे मामले में मानवीय और संवेदनशील रुख भी अपनाया है। नाराज शिक्षकों द्वारा उठाई जा रही समस्याओं—जैसे जोन आवंटन में विसंगति, महिला शिक्षकों को इवनिंग शिफ्ट मिलना और घर से स्कूल की दूरी बढ़कर 40 किमी हो जाना—पर अतिरिक्त आयुक्त ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी जायज (Genuine) शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

न्होंने ‘बजाते रहो भारत न्यूज़’ के माध्यम से शिक्षकों के लिए निम्नलिखित राहतों की घोषणा की:

​चिकित्सीय आधार (Medical Issues):

जिन शिक्षकों को कोई गंभीर मेडिकल समस्या या स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां हैं, वे सीधे शिक्षा विभाग से संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन उनके मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा।

अत्यधिक दूरी की समस्या:

जिन शिक्षकों का स्कूल पहले ही घर से लगभग 20 किलोमीटर दूर था और इस नए आदेश के बाद यह दूरी और ज्यादा बढ़ गई है, वे भी विभाग के समक्ष अपनी लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

​उचित और त्वरित कार्रवाई:

अतिरिक्त आयुक्त संजीव मित्तल ने आश्वासन दिया है कि ऐसी सभी जायज और गंभीर शिकायतों की समीक्षा की जाएगी और उन पर जल्द से जल्द उचित कार्रवाई कर राहत दी जाएगी।

​समन्वय से निकलेगा समाधान

​प्रशासन के इस रुख से साफ है कि जहां एक तरफ स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने और व्यवस्था सुधारने के लिए ट्रांसफर का फैसला जरूरी था, वहीं दूसरी तरफ विभाग शिक्षकों की वास्तविक परेशानियों को दूर करने के लिए भी पूरी तरह तैयार है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि शिक्षक प्रशासनिक नियमों का पालन करते हुए अपनी जॉइनिंग देंगे और अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को विभाग के सामने रखेंगे, जिसका समय रहते उचित निवारण किया जाएगा।