भाजपा में ‘वेलकम ऑफर’ का धमाका, पुराने पार्षद बोले— काश हम भी कभी AAP होकर आते!

नई दिल्ली। एमसीडी की वार्ड कमेटियों के चुनाव ने भाजपा में एक नया राजनीतिक गणित समझा दिया है। वर्षों तक पार्टी का झंडा उठाने वाले कुछ पुराने पार्षद अब मजाक में कह रहे हैं कि गलती हमारी यही रही कि हम कभी पार्टी छोड़कर नहीं गए। अगर पहले AAP या IVP होकर आते, तो शायद आज चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन या स्थायी समिति के सदस्य बन चुके होते।

चर्चा है कि भाजपा में इन दिनों सबसे तेज प्रमोशन का रास्ता “घर वापसी एक्सप्रेस” बन गया है। सुबह दूसरी पार्टी से आइए, दोपहर तक भाजपा का दुपट्टा पहनिए और शाम तक कोई न कोई जिम्मेदारी आपकी झोली में!पुराने कार्यकर्ता अब एक-दूसरे से हंसते हुए पूछ रहे हैं— “भाई, पार्टी के लिए 20 साल मेहनत करने का फायदा क्या मिला?” जवाब आता है— “अगर समय रहते दूसरी पार्टी घूम आते, तो आज कुर्सी हमारी होती!” राजनीतिक गलियारों में यह भी चुटकी ली जा रही है कि अब भाजपा की सदस्यता अभियान की नई टैगलाइन हो सकती है— “पहले कहीं और जाइए, फिर हमारे यहां आइए… स्वागत भी होगा और सम्मान भी!”

हालांकि यह सब राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाएं और तंज हैं। असली फैसला तो पार्टी नेतृत्व ही करता है, लेकिन एमसीडी के गलियारों में इन दिनों यही सबसे लोकप्रिय ‘पॉलिटिकल कॉमेडी’ बनी हुई है।