भाजपा मुख्यालय के घेराव पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में मंगलवार को हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित पेपर लीक मामलों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भाजपा मुख्यालय की ओर मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया और देवेन्द्र यादव सहित कई नेताओं को हिरासत में लेकर आईपी एस्टेट थाने ले जाया गया, जहां बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 21 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की भी कड़ी आलोचना की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि करोड़ों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करने वाले पेपर लीक मामलों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक आधार पर तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी छात्रों को न्याय दिलाने के लिए संसद से सड़क तक संघर्ष कर रहे हैं और कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे तो उन्हें पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उनका कहना था कि सरकार विपक्ष और छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।

देवेन्द्र यादव ने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक की घटनाओं से 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है और सरकार को छात्रों के साथ हुई कथित ज्यादती के लिए माफी मांगनी चाहिए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रदर्शन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन, पूर्व मंत्री डॉ. नरेंद्र नाथ, प्रो. किरण वालिया, पूर्व विधायक सुरेंद्र कुमार, भीष्म शर्मा, अब्दुल रहमान ,हाजी जरीफ,सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ता शामिल रहे।
