ताहिर हुसैन को उम्रकैद: अदालत के फैसले के बाद दिल्ली दंगों पर सियासत तेज

भाजपा बोली— न्यायालय के फैसले से स्पष्ट है कि दिल्ली दंगा सुनियोजित था, आप पर साधा निशाना

नई दिल्ली, 31 जुलाई। वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में अदालत द्वारा पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद राजधानी की राजनीति गरमा गई है। फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे न्याय की जीत बताते हुए आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला।

भाजपा नेताओं ने कहा कि अदालत के फैसले से यह स्पष्ट हुआ है कि दिल्ली की हिंसा कोई सामान्य या स्वतःस्फूर्त घटना नहीं थी, बल्कि सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा थी। पार्टी का कहना है कि इस फैसले ने उन राजनीतिक आरोपों को भी कमजोर कर दिया है जिनके तहत वर्षों तक भाजपा नेता कपिल मिश्रा का नाम दिल्ली दंगों से जोड़ने की कोशिश की जाती रही।

भाजपा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी से जुड़े एक पूर्व जनप्रतिनिधि को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने और उम्रकैद की सजा दिए जाने से पार्टी के उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जो उसने दंगों को लेकर समय-समय पर किए थे। भाजपा नेताओं ने इसे आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक और नैतिक झटका बताया।

पार्टी नेताओं ने कहा कि 2020 के दंगों में अनेक लोगों की जान गई, सैकड़ों लोग घायल हुए, हजारों परिवार प्रभावित हुए और करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि यह हिंसा इंसानियत को शर्मसार करने वाली थी और इसके पीड़ितों को न्याय मिलना देश की न्याय व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है।

भाजपा ने कहा कि अदालत का फैसला यह संदेश देता है कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, दोष सिद्ध होने पर उसे सजा अवश्य मिलेगी। साथ ही पार्टी ने दंगों को लेकर फैलाए गए कथित राजनीतिक दुष्प्रचार की भी समीक्षा किए जाने की मांग की।

अदालत के फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर 2020 के दंगों को लेकर बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और बढ़ने के संकेत हैं।