गरीब प्रतिभाओं के सपनों को उड़ान दे रहा Mission IAS, बिना शुल्क दिला रहा UPSC में सफलता

Share India के CSR से संचालित पहल बनी मिसाल, आवास, भोजन, किताबें और कोचिंग सब कुछ नि:शुल्क; पिछले वर्ष 40 में से 12 अभ्यर्थियों का सिविल एवं वन सेवा में चयन

नई दिल्ली, 31 जुलाई। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आज लाखों रुपये खर्च करने वाला सपना बन चुकी है, लेकिन राजधानी दिल्ली में एक ऐसी पहल भी है जो आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को बिना किसी शुल्क के भारतीय प्रशासनिक सेवा सहित अन्य अखिल भारतीय सेवाओं की तैयारी करा रही है। Mission IAS, जिसे Share India के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत संचालित किया जा रहा है, आज समाज सेवा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का एक प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभरा है।

Mission IAS में चयनित विद्यार्थियों को केवल कोचिंग ही नहीं, बल्कि रहने की व्यवस्था, पौष्टिक भोजन, पुस्तकें, अध्ययन सामग्री और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन भी पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है। वरिष्ठ मार्गदर्शक हेमंत झा के नेतृत्व और मिशन के कोऑर्डिनेटर नीलेश त्रिपाठी के समन्वय में यह पहल उन युवाओं को अवसर दे रही है, जिनकी आर्थिक स्थिति उनके सपनों के बीच सबसे बड़ी बाधा थी।

Mission IAS के परिणाम इसकी सफलता की गवाही देते हैं। पिछले वर्ष यहाँ से तैयारी करने वाले 40 विद्यार्थियों में से 10 का चयन सिविल सेवा परीक्षा में तथा 2 का चयन भारतीय वन सेवा (IFS) में हुआ। इस वर्ष से छात्राओं के लिए भी नि:शुल्क आवासीय तैयारी की सुविधा शुरू कर दी गई है, जिससे बेटियों को भी समान अवसर मिल सके।

शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल CSR के प्रभावी और पारदर्शी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है। Mission IAS यह साबित कर रहा है कि यदि संसाधनों का सही दिशा में उपयोग किया जाए तो आर्थिक अभाव किसी प्रतिभा की सफलता में बाधा नहीं बन सकता। यह संस्थान न केवल युवाओं के सपनों को साकार कर रहा है, बल्कि देश को योग्य, संवेदनशील और समर्पित प्रशासनिक अधिकारी भी प्रदान कर रहा है।

शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में Mission IAS की यह पहल अन्य संस्थानों और कॉर्पोरेट समूहों के लिए भी प्रेरणा का विषय बन गई है।