पीएम मोदी ने अभद्र भाषा बोलने वाले बच्चों को किया क्षमा; बोले— समाज उन्हें ठुकराए नहीं, गले लगाए और सही राह दिखाए
'बच्चों से भूल हो सकती है, उन्हें नफरत नहीं, संस्कार चाहिए'
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले बच्चों को लेकर बड़ा और भावनात्मक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि बच्चों की एक गलती के आधार पर उनका भविष्य तय नहीं किया जा सकता। यदि किसी बच्चे से अनुचित भाषा या व्यवहार हुआ है, तो समाज का कर्तव्य है कि वह उसे दंडित करने या उससे घृणा करने के बजाय सही संस्कार और उचित मार्गदर्शन दे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनका व्यक्तित्व परिवार, विद्यालय तथा समाज के संयुक्त प्रयासों से बनता है। इसलिए यदि कोई बच्चा भटक जाता है, तो उसे वापस सही रास्ते पर लाना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बच्चों के मन में सकारात्मक सोच, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का विकास करना हम सभी का दायित्व है।
पीएम मोदी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऐसे बच्चों को ठुकराने के बजाय उन्हें अपनाइए, उनसे संवाद कीजिए और उन्हें अपनी गलती सुधारने का अवसर दीजिए। उन्होंने कहा कि क्षमा और संस्कार ही किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं।
प्रधानमंत्री के इस बयान को करुणा, सामाजिक जिम्मेदारी और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का संदेश माना जा रहा है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस टिप्पणी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने इसे नई पीढ़ी को सही दिशा देने का संदेश बताया, जबकि विभिन्न दलों और संगठनों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
