दिल्ली में हरित क्रांति की बड़ी छलांग, एक ही दिन में लगे लगभग एक लाख पौधे

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को मिला जनसमर्थन, राजधानी को हराभरा बनाने के संकल्प में हजारों लोगों की भागीदारी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में शनिवार को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक पहल करते हुए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग एक लाख पौधों का रोपण किया गया। इस महाअभियान में मुख्य सचेतक एवं विधायक अभय वर्मा, विधायक डॉ. अनिल गोयल, रवि नेगी, वन विभाग के उप वन संरक्षक, क्षेत्रीय निगम पार्षदों सहित भारतीय जनता पार्टी के अनेक पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों तथा हजारों नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

राजधानी में चलाया गया यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान ‘एक पेड़ मां के नाम’ को जनआंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सात जुलाई को इस अभियान का शुभारंभ किया था। इसके बाद से दिल्ली के विभिन्न इलाकों में लगातार पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि दिल्ली के हरित क्षेत्र का विस्तार करना, प्रदूषण को कम करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण तैयार करना है। इसी उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने सामाजिक संगठनों, आरडब्ल्यूए, शिक्षण संस्थानों और स्थानीय नागरिकों को अभियान से जोड़ने का व्यापक अभियान शुरू किया है।

विधायक डॉ. अनिल गोयल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने सभी सामाजिक संस्थाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों, धार्मिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया।

उन्होंने बताया कि जो संस्थाएं या नागरिक अपने क्षेत्र, पार्कों अथवा खाली भूमि पर वृक्षारोपण करना चाहते हैं, वे दिल्ली हरित अभियान–2026 पोर्टल पर पंजीकरण कर इस अभियान से जुड़ सकते हैं। इसके अलावा वन विभाग के दिल्ली वन महोत्सव तथा दिल्ली निःशुल्क पौधा पोर्टलों के माध्यम से भी पौधों की उपलब्धता और वितरण संबंधी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान पौधों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था तथा उपयुक्त स्थलों की पहचान के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। विभाग का लक्ष्य केवल अधिक से अधिक पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और नियमित देखभाल को भी सुनिश्चित करना है, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में घने वृक्ष बनकर राजधानी के पर्यावरण को नई ऊर्जा प्रदान कर सकें।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि जनभागीदारी से चलाए जा रहे ऐसे अभियान दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण, हरित क्षेत्र के विस्तार और जलवायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राजधानी को स्वच्छ, हरित और प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में यह अभियान एक बड़ी और दूरगामी पहल के रूप में देखा जा रहा है।