मेगा बजट फिल्म ‘रामायण’ पर विवाद की आहट, श्री रामलीला महासंघ की दोटूक चेतावनी

रिलीज से पहले फिल्म दिखाइए, आपत्तिजनक दृश्य मिले तो हटाइए, अन्यथा देशभर में होगा विरोध'

नई दिल्ली। इस दिवाली रिलीज होने जा रही निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित मेगा बजट फिल्म ‘रामायण’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिरती नजर आ रही है। श्री रामलीला महासंघ ने फिल्म के निर्माताओं को पत्र भेजकर मांग की है कि फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज करने से पहले महासंघ के प्रतिनिधिमंडल को विशेष प्रदर्शन के माध्यम से दिखाया जाए। संगठन का कहना है कि यदि फिल्म में ऐसा कोई दृश्य या संवाद पाया गया, जिससे सनातन समाज की धार्मिक भावनाएं आहत होती हों, तो उसे रिलीज से पहले हटाया जाए।

श्री रामलीला महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने निर्देशक नितेश तिवारी और फिल्म निर्माण कंपनी को लिखे पत्र में कहा है कि पूर्व में प्रदर्शित फिल्म ‘आदिपुरुष’ के कई दृश्य देशभर में विवाद का कारण बने थे। उन्होंने कहा कि सोने की लंका का अलग स्वरूप, रावण और उसकी सेना के चित्रण सहित कई प्रसंगों पर सनातन समाज और रामलीला मंचन से जुड़े लोगों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था, जिसका असर फिल्म के व्यावसायिक प्रदर्शन पर भी देखने को मिला।

पत्र में दावा किया गया है कि महासंघ को ऐसी जानकारी मिली है कि ‘रामायण’ में भी कुछ ऐसे दृश्य और संवाद हो सकते हैं, जो भारत तथा विदेशों में रहने वाले करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। इसी कारण महासंघ ने रिलीज से पहले फिल्म का विशेष प्रदर्शन कराने की मांग की है, ताकि किसी भी विवादास्पद सामग्री की समीक्षा कर उसे समय रहते हटाया जा सके।

महासंघ ने अपने पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर विचार नहीं किया गया तो दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों में हिंदू संगठनों के साथ मिलकर सिनेमाघरों के बाहर बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित किसी भी फिल्म में धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मर्यादाओं का पालन होना चाहिए।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक निर्देशक नितेश तिवारी अथवा फिल्म निर्माण कंपनी की ओर से इस पत्र और महासंघ की मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।