‘पंचर’ टिप्पणी पर सियासी संग्राम: नाज़िया दानिश बोलीं— मुस्लिम समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं

नई दिल्ली। भाजपा के Gen-Z कॉन्क्लेव में वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी की “जंतर-मंतर पर पंचर लगाने वाले बेरोजगार ज्यादा थे” टिप्पणी को लेकर दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस दल की नेता नाज़िया दानिश ने इस बयान पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि यह टिप्पणी केवल बेरोजगार युवाओं का मजाक नहीं, बल्कि मुस्लिम समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है।

नाज़िया दानिश ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल समाज में विभाजन पैदा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि “पंचर” जैसे शब्दों का प्रयोग लंबे समय से एक खास समुदाय को रूढ़िवादी तरीके से निशाना बनाने के लिए किया जाता रहा है। ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द और संविधान की भावना के खिलाफ हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि देश का युवा रोजगार, महंगाई और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जवाब चाहता है, लेकिन भाजपा के नेता इन गंभीर सवालों का उत्तर देने के बजाय अपमानजनक टिप्पणियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेहनत-मजदूरी और किसी भी ईमानदार रोजगार का उपहास उड़ाना करोड़ों मेहनतकश लोगों का अपमान है।

नाज़िया दानिश ने भाजपा नेतृत्व से रमेश बिधूड़ी के बयान पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि इस टिप्पणी से किसी समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं, तो भाजपा को सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए। इस बयान के बाद राजधानी में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और कांग्रेस ने इसे भाजपा की “विभाजनकारी राजनीति” का उदाहरण बताया है।