अंकुश नारंग का सरकार पर हमला—‘मुख्यमंत्री के आदेश फाइलों में दफन, सड़क पर बेसहारा गोवंश और जनता परेशान’

गोवंश पर भाजपा की सियासत बेनकाब, एक साल बाद भी गोशाला का अता-पता नहीं

नई दिल्ली। दिल्ली में गोवंश के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर आम आदमी पार्टी ने जोरदार हमला बोला है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा जुलाई 2025 में हर जिले में एक गोशाला बनाने के निर्देश दिए जाने के बावजूद एक साल बाद भी एक नई गोशाला का निर्माण शुरू नहीं होने पर आप नेता एवं एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले गोवंश के संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन सत्ता मिलते ही उसके दावे फाइलों में बंद हो गए। राजधानी में हजारों गोवंशियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, दो गोशालाएं क्षमता से अधिक भर चुकी हैं और सड़कों पर बेसहारा पशु घूम रहे हैं, लेकिन सरकार और निगम के अधिकारी सिर्फ कागजी कार्रवाई में व्यस्त हैं।

‘मुख्यमंत्री के आदेश की भी कोई कीमत नहीं?’

नारंग ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री के निर्देश को एक साल पूरा होने के बावजूद अगर एक भी नई गोशाला नहीं बन पाई तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है? उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री का आदेश ही अफसरशाही के सामने बेअसर हो जाए तो दिल्ली की आम जनता अपने काम के लिए किस दरवाजे पर जाए?उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के पास प्रचार और राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए समय है, लेकिन गोवंश के लिए जमीन उपलब्ध कराने और नई गोशालाएं बनाने की इच्छाशक्ति नहीं है।

‘चार गोशालाओं पर हजारों गोवंश का बोझ’

अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली में सिर्फ चार गोशालाओं के सहारे इतनी बड़ी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। सुल्तानपुर डबास और हरेवली गोशालाएं अपनी निर्धारित क्षमता से आगे निकल चुकी हैं, जबकि सुरहेड़ा और रेवला खानपुर में भी उपलब्ध जगह तेजी से खत्म हो रही है।उन्होंने कहा कि जब सरकार को पहले से पता है कि मौजूदा गोशालाएं भर रही हैं तो नई गोशालाओं की व्यवस्था पहले क्यों नहीं की गई? क्या सरकार तब जागेगी जब सड़कों पर घूमते पशुओं के कारण कोई बड़ा हादसा होगा?

‘अवैध डेरियों पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति’

नारंग ने रिहायशी इलाकों में कथित रूप से चल रही अवैध डेरियों को लेकर भी निगम प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दूध निकालने के बाद पशुओं को सड़कों पर छोड़ देना आम हो गया है। इसके बावजूद निगम और संबंधित विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम हैं।उन्होंने कहा कि सिर्फ एफआईआर दर्ज करना कार्रवाई नहीं, बल्कि अवैध डेयरियों को बंद कराना और पशुओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है।

‘गोवंश पकड़ने का अभियान भी जगह की कमी से प्रभावित’

आप नेता ने कहा कि जब गोशालाओं में ही जगह नहीं बची तो नए बेसहारा गोवंश को पकड़कर रखा कहां जाएगा? यही वजह है कि निगम का गोवंश पकड़ने का अभियान भी प्रभावित हो रहा है।उन्होंने भाजपा सरकार से मांग की कि हर जिले में गोशाला निर्माण के लिए तत्काल जमीन चिन्हित की जाए, निर्माण की समयसीमा घोषित हो, अवैध डेरियों पर निर्णायक कार्रवाई की जाए और सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश के लिए तत्काल राहत व्यवस्था बनाई जाए।

अंकुश नारंग ने कहा कि ‘भाजपा को गोवंश पर राजनीति बंद कर उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। दिल्ली की जनता को नारे नहीं, जमीन पर व्यवस्था चाहिए।’