महापौर निवास में तीज महोत्सव में शामिल हुईं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

नई दिल्ली। महापौर निवास, 1 लांसर रोड पर गुरुवार को आयोजित तीज महोत्सव में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शामिल हुईं। सावन की रिमझिम बारिश, झूलों, लोकगीतों, मेहंदी, चूड़ियों और पारंपरिक व्यंजनों के बीच आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने महिलाओं के साथ तीज का उत्सव मनाया और पर्व की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोक त्योहार हमारी संस्कृति और परंपराओं से जोड़कर रखते हैं। यह हम सभी का दायित्व है कि इन परंपराओं को सहेजकर आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि सावन में होने वाले तीज महोत्सव के दौरान बारिश ने आयोजन की खूबसूरती और बढ़ा दी।

उन्होंने कहा कि हरियाली तीज केवल उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर भी है। उनकी इच्छा है कि हरियाली तीज दिल्ली को हरा-भरा और स्वच्छ बनाने का उत्सव बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों और निगम पार्षदों को मिलकर टीम की तरह काम करना है और दिल्ली की पुरानी समस्याओं का समाधान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में दिल्ली के कूड़े के पहाड़ों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि लोक त्योहार समाज में प्रेम, सौहार्द और उल्लास का संचार करते हैं। तीज हमारी पुरातन संस्कृति की अटूट डोर है, जो हमें अपनी परंपराओं और जड़ों से जोड़कर रखती है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नदियों, पहाड़ों और प्रकृति को पूजनीय माना गया है और तीज प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है।

महापौर ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन समाज में प्रेम, हर्षोल्लास और सद्भावना को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने समस्त दिल्लीवासियों को तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, उप महापौर डॉ. मोनिका पंत, स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन जय भगवान यादव, महिला कल्याण एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष रेखा रानी, उपाध्यक्ष शिल्पा कौर, निगम पार्षद, निगमायुक्त संजीव खिरवार सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

समारोह में महिलाओं के लिए मेहंदी और चूड़ियों की विशेष व्यवस्था की गई थी। लोकगीतों और पारंपरिक व्यंजनों के बीच महिलाओं ने झूलों का आनंद लिया और तीज की खुशियां साझा कीं।