नीरज अवस्थी
नई दिल्ली, 14 अगस्त। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक परिषद की 5वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े प्रमुख नीतिगत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत, वरिष्ठ नागरिक प्रभाग की संयुक्त सचिव मोनाली पी. धकाते, परिषद के सदस्य, केंद्र एवं राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, विशेषज्ञ, गैर-सरकारी संगठन तथा वरिष्ठ नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को सम्मान, सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और समाज में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का कल्याण और सशक्तिकरण विकसित भारत @2047 के विजन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से समन्वय के साथ समावेशी, आयु-अनुकूल और संवेदनशील समाज के निर्माण की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
आयुष्मान भारत और जेरियाट्रिक केयर पर चर्चा
परिषद ने अटल वयो अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई) के क्रियान्वयन की व्यापक समीक्षा की और इसके प्रभाव, पहुंच तथा प्रभावशीलता का आकलन किया। बैठक में 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को उनकी आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत स्वास्थ्य बीमा कवरेज देने की पहल पर भी चर्चा हुई।इसके साथ ही केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) की दर सूची में जेरियाट्रिक केयरगिवर्स की सेवाओं को शामिल करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।परिषद ने अपनी चौथी बैठक में लिए गए निर्णयों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए सिफारिशों को जल्द लागू करने पर जोर दिया। मंत्री ने संबंधित मंत्रालयों, विभागों और राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई, ताकि वरिष्ठ नागरिकों तक कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का प्रभावी लाभ पहुंच सके।
‘स्नेहा’ ई-बुक का शुभारंभ
बैठक के अवसर पर डॉ. वीरेंद्र कुमार ने ‘SNEHA – Stories of Nurturing, Engagement, Happiness & Active Ageing’ ई-बुक का शुभारंभ किया। इसमें अक्टूबर 2024 से जून 2026 तक वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए विभाग द्वारा संचालित प्रमुख कार्यक्रमों, पहलों और उपलब्धियों को शामिल किया गया है।ई-बुक में 21 महीनों के दौरान स्वस्थ वृद्धावस्था को बढ़ावा देने, वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को रेखांकित किया गया है। इसका प्रमुख संदेश ‘सम्मान के साथ वृद्धावस्था’ है।
जेईईवीएएन और शतायु से डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा
परिषद ने वरिष्ठ नागरिक क्षेत्र में तकनीक आधारित शासन और सेवा वितरण को मजबूत करने के लिए शुरू की गई दो प्रमुख डिजिटल पहलों की भी सराहना की।
जेईईवीएएन (JEEVAN—Joint Elderly Empowerment & Virtual Assistance Network) ऐप के जरिए वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं तक एकीकृत और आसान पहुंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
वहीं शतायु (SHATAYU—Senior Holistic Care Assistance and Training for Your Utility) को प्रशिक्षित जेरियाट्रिक केयरगिवर्स की सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विकसित किया गया है। यह पहल वरिष्ठ नागरिकों को उनके परिचित परिवेश में देखभाल उपलब्ध कराने की ‘एजिंग एट प्लेस’ अवधारणा पर आधारित है।
बैठक में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर सेवा वितरण, डिजिटल तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल और मंत्रालयों के बीच समन्वय मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। परिषद ने देशभर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वस्थ, सक्रिय और सम्मानजनक वृद्धावस्था सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।
