स्थाई समिति की बैठक में सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग: निगम दे रहा करोड़ों, पर धरातल पर वादे फेल – पार्षद हेमचंद गोयल
नई दिल्ली:
नगर निगम की स्थाई समिति की बैठक में साउथ जोन की सफाई व्यवस्था को लेकर भाजपा पार्षद हेमचंद गोयल ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बैठक के दौरान सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की पुरजोर मांग की और कहा कि सफाई के नाम पर कंपनियों को जनता के करोड़ों रुपये दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सिर्फ लापरवाही और बेईमानी हो रही है।

पार्षद गोयल ने साउथ जोन में तैनात की गई निजी कंपनियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सदन को बताया कि इलाके में पहले DDSIL कंपनी को काम सौंपा गया, इसके बाद JS ENVIRO और वर्तमान में RAMKY कंपनी काम कर रही है। अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) के तहत प्रत्येक कंपनी को हर वार्ड में 30 टिपर (कूड़ा उठाने वाले वाहन) उपलब्ध कराने थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अप्रैल महीने तक पूरा किया जाने वाला यह वादा आज तक पूरा नहीं किया गया है।
हेमचंद गोयल ने यह भी कहा कि क्षेत्रों में उचित ढलावघर (Garbage Vat/Dhalao) न होने के कारण कूड़ा व्यवस्थित रूप से एकत्र नहीं हो पाता है, जिससे कूड़ा इधर-उधर सड़कों पर बिखरा रहता है। इससे स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और बीमारियां फैलने का खतरा भी बना रहता है।
लापरवाही का आरोप: साउथ जोन में तैनात कंपनियों द्वारा वार्डवार तय टिपर न देने का मुद्दा उठाया गया।
निगम के फंड का दुरुपयोग: सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये का भुगतान होने के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति खराब होने पर आपत्ति जताई गई।
ढलावघरों का अभाव: कूड़ा प्रबंधन के लिए उचित ढलावघर न होने के कारण सड़कों पर कचरा फैलने की समस्या प्रमुखता से रखी गई।
