सफाई कर्मचारियों की शिकायतों के लिए NCSK शुरू करेगा मिस्ड-कॉल सुविधा

नई दिल्ली। (नीरज अवस्थी)राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) 23 अगस्त को मावलंकर ऑडिटोरियम, संविधान क्लब ऑफ इंडिया में अपना 32वां स्थापना दिवस मनाएगा। कार्यक्रम में केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले और बी.एल. वर्मा मौजूद रहेंगे। आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल के मुताबिक कार्यक्रम में देशभर से करीब 900 सफाई कर्मचारी, केंद्र और राज्य सरकारों, केंद्रशासित प्रदेशों, नगर निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

शिकायत दर्ज कराने का नया रास्ता

स्थापना दिवस के मौके पर NCSK ‘मिस्ड-कॉल सुविधा नंबर’ जारी करेगा। इसके जरिए सफाई कर्मचारी और अन्य संबंधित पक्ष आयोग तक अपनी शिकायत, समस्या या प्रतिनिधित्व पहुंचा सकेंगे। आयोग इन कॉल्स के आधार पर शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर मामलों को संबंधित विभागों के समक्ष उठाने और समयबद्ध समाधान की दिशा में कार्रवाई करेगा।

मैनुअल स्कैवेंजिंग से लेकर वेतन-सुरक्षा तक फोकस

आयोग के अनुसार कार्यक्रम में सफाई कर्मचारियों की गरिमा, कल्याण और सुरक्षा, खतरनाक मैनुअल स्कैवेंजिंग और जोखिमपूर्ण सफाई कार्य के उन्मूलन, मशीनीकृत सफाई व्यवस्था, पुनर्वास तथा सामाजिक सुरक्षा पर चर्चा होगी। आयोग विभिन्न नियोक्ताओं के अधीन काम कर रहे सफाई कर्मचारियों की स्वास्थ्य, सुरक्षा और वेतन संबंधी परिस्थितियों की निगरानी भी करता है।

सीवर मौतों के मुआवजे की भी होगी निगरानी

NCSK सीवर में होने वाली मौतों के मामलों में मृतकों के कानूनी वारिसों को मिलने वाले मुआवजे की स्थिति की भी समीक्षा करता है। आयोग का कहना है कि उसके निष्कर्षों के आधार पर सफाई कर्मचारियों के पुनर्वास और मैनुअल स्कैवेंजिंग से मुक्ति के संबंध में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को समय-समय पर सिफारिशें भेजी जाती हैं।

कानून के तहत बढ़ी आयोग की जिम्मेदारी

मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में रोजगार के निषेध और उनके पुनर्वास संबंधी अधिनियम, 2013 के लागू होने के बाद आयोग की भूमिका और विस्तृत हुई है। अधिनियम की धारा 31 के तहत आयोग को कानून के क्रियान्वयन की निगरानी, उल्लंघन संबंधी शिकायतों की जांच, संबंधित अधिकारियों को सिफारिशें देने और जरूरत पड़ने पर स्वतः संज्ञान लेने का अधिकार प्राप्त है।आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल के अनुसार, स्थापना दिवस का उद्देश्य सफाई कर्मचारियों की गरिमा और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देना तथा उनके लिए उपलब्ध कल्याणकारी व्यवस्थाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देना है।