बेटियां नौकरी तलाशने वाली नहीं, रोजगार देने वाली बनें: रेखा गुप्ता
आईजीडीटियूडबल्यू की छात्राओं ने दिल्ली पुलिस के लिए बनाए 75 सर्विलांस ड्रोन, 1 करोड़ के पैकेज के साथ मिले 1000 से अधिक प्लेसमेंट ऑफर
नई दिल्ली, 27 अगस्त। इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वुमेन (आईजीडीटियूडबल्यू) में आयोजित ‘प्रबोधन-2026’ इंडक्शन कार्यक्रम का गुरुवार को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में समापन हुआ। इस अवसर पर अत्याधुनिक लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स का भी उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री आशीष सूद मौजूद रहे।
आईजीडीटियूडबल्यू की छात्राओं की तकनीकी उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया गया कि उन्होंने दिल्ली पुलिस के लिए 75 सर्विलांस ड्रोन विकसित एवं प्रदर्शित किए हैं। विश्वविद्यालय की छात्राओं को हालिया प्लेसमेंट सीजन में 1000 से अधिक प्लेसमेंट ऑफर मिले, जबकि सर्वाधिक पैकेज एक करोड़ रुपये रहा।
भविष्य की तकनीक की निर्माता बनें बेटियां
उपराज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के चांसलर तरनजीत सिंह संधू ने छात्राओं से कहा कि वे केवल भविष्य की नौकरियों के लिए तैयारी नहीं कर रही हैं, बल्कि भविष्य के भारत को आकार देने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, विनिर्माण और शासन जैसे क्षेत्रों में तकनीक व्यापक बदलाव ला सकती है। ऐसे में छात्राओं को केवल तकनीक का इस्तेमाल करने वाली नहीं, बल्कि तकनीक की निर्माता और इनोवेटर बनना होगा।
उन्होंने तकनीकी शिक्षा के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने को राष्ट्रीय विकास और नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
‘टेक्नोलॉजी और ज्ञान का कोई जेंडर नहीं’
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बेटियां आज इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, साइंस, स्पेस और डिफेंस सहित हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी, ज्ञान और अनुभव का कोई जेंडर नहीं होता। छात्राओं को एआई और नई तकनीकों की केवल उपयोगकर्ता बनने के बजाय इनके समाधान विकसित करने वाली बिल्डर बनना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने छात्राओं से क्यूरियोसिटी, करेज और कैरेक्टर को अपनी ताकत बनाने तथा ‘जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर’ बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित दिल्ली और विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका निर्णायक होगी।
8 करोड़ की ड्रोन फंडिंग, साइबर सुरक्षा पर भी जोर
विश्वविद्यालय में रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग जैसे न्यू-एज क्षेत्रों में शिक्षा और कौशल विकास के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। एडवांस्ड ड्रोन टेक्नोलॉजी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को करीब 8 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है। साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जा रहा है।
‘नेत्र-नारी-नेतृत्व’ पहल के तहत छात्राओं और महिला पुलिसकर्मियों को ड्रोन टेक्नोलॉजी एवं सर्विलांस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उद्योगों के साथ साझेदारी के माध्यम से प्रैक्टिकल लर्निंग और रोजगारपरक कौशल पर भी जोर दिया जा रहा है।
400 करोड़ की स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन पॉलिसी
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को तैयार करना समय की मांग है। उन्होंने दिल्ली पुलिस के लिए छात्राओं द्वारा विकसित सर्विलांस ड्रोन को तकनीक को वास्तविक सामाजिक जरूरतों के समाधान में बदलने का उदाहरण बताया।
उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार करीब 160 एकड़ में एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही युवा इनोवेटर्स और एंटरप्रेन्योर्स को मंच देने के लिए 400 करोड़ रुपये की स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन पॉलिसी को मंजूरी दी गई है।
कार्यक्रम में ‘आईजीडीटियूडबल्यू टाइम्स’ बुकलेट का विमोचन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय की अकादमिक उपलब्धियों, शोध, नवाचार और छात्र गतिविधियों की प्रमुख पहलें शामिल हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं और बेस्ट वाइस चांसलर इंटर्न्स को सम्मानित भी किया गया।
