लिंग समानता पर आशीष सूद का जोर, बोले—हैशटैग से नहीं, शिक्षा और अवसर से टूटेगी पितृसत्ता

नई दिल्ली। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने लिंग समानता और पितृसत्ता के मुद्दे पर कहा कि केवल सोशल मीडिया पर हैशटैग चलाने से पितृसत्तात्मक सोच समाप्त नहीं होगी। इसके लिए जमीनी स्तर पर शिक्षा, अवसर, भागीदारी और महिलाओं के सशक्तिकरण पर काम करना जरूरी है।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम और महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने के प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं प्रबंधन और नेतृत्व के पदों पर अपनी पहचान बना रही हैं, लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया और तकनीकी शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी को अभी और बढ़ाने की आवश्यकता है।

शिक्षा मंत्री ने हाल में आयोजित सेवा पखवाड़े का उदाहरण देते हुए कहा कि बेटियों ने 75 ड्रोन तैयार किए। यह साबित करता है कि अवसर मिलने पर महिलाएं तकनीक समेत हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि पितृसत्ता हैशटैग से नहीं टूटेगी, बल्कि शिक्षा, समान अवसर, भागीदारी और सशक्तिकरण के माध्यम से इसे समाप्त किया जा सकता है।

नेपाल की बाढ़ पर जताई संवेदना

नेपाल में आई बाढ़ पर आशीष सूद ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन और पीड़ादायक समय में भारत नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार भारत सरकार नेपाल के संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है।

सूद ने कहा कि दिल्ली में भी ऐसे कई लोग हो सकते हैं जिनके रिश्तेदार नेपाल की यात्रा पर गए हों या वहां रह रहे हों। उन्होंने आश्वस्त किया कि ऐसे लोगों की चिंता को देखते हुए भारत सरकार के माध्यम से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।