लालबत्ती जंप से गलत दिशा में दौड़ तक—बेकाबू चालकों पर जीरो टॉलरेंस की मांग, विशेष ट्रैफिक एनफोर्समेंट ड्राइव की मांग
दिल्ली की सड़कों पर ई-रिक्शा की ‘मनमानी’ पर लगे ब्रेक
नई दिल्ली, 31 अगस्त। दिल्ली की सड़कों पर ई-रिक्शाओं की बढ़ती संख्या के साथ यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले चालकों पर अब सख्ती की मांग तेज हो गई है। सहयोग दिल्ली के अध्यक्ष मनोज कुमार जैन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, परिवहन मंत्री पंकज सिंह और दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात) अजय चौधरी को पत्र भेजकर ई-रिक्शा चालकों की रैश एवं लापरवाह ड्राइविंग के खिलाफ विशेष Traffic Enforcement Drive चलाने की मांग की है।
मनोज कुमार जैन ने आरोप लगाया कि नियम-कायदों की व्यवस्था होने के बावजूद दिल्ली की सड़कों पर बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक खुलेआम यातायात नियमों का उल्लंघन करते दिखाई देते हैं। उनका कहना है कि इसका सीधा असर सड़क सुरक्षा पर पड़ रहा है और पैदल यात्रियों, महिलाओं, बच्चों तथा वरिष्ठ नागरिकों की जान जोखिम में पड़ रही है।
लालबत्ती तोड़ने से लेकर गलत दिशा में दौड़ने तक शिकायतों की लंबी फेहरिस्त
जैन के मुताबिक ई-रिक्शा चालकों द्वारा लालबत्ती तोड़ना, गलत दिशा में वाहन चलाना, बिना इंडिकेटर अचानक मोड़ लेना, मुख्य सड़क पर अचानक वाहन रोककर सवारी बैठाना और दूसरे वाहनों के सामने अचानक कट मारना आम होता जा रहा है।
भीड़भाड़ वाले बाजारों और प्रमुख चौराहों पर सड़क के बीच ई-रिक्शा रोककर सवारी चढ़ाने-उतारने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। उनका कहना है कि सुविधा देने वाला ई-रिक्शा यदि नियम तोड़कर सड़क पर खतरा पैदा करने लगे तो उसके संचालन की व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
चालक से लेकर वाहन तक—हर स्तर पर हो जांच
सहयोग दिल्ली अध्यक्ष ने मांग की है कि विशेष अभियान के दौरान प्रत्येक ई-रिक्शा चालक का ड्राइविंग लाइसेंस, प्रशिक्षण, वाहन पंजीकरण, फिटनेस और अन्य जरूरी दस्तावेज जांचे जाएं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना वैध लाइसेंस ई-रिक्शा चलाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं रैश ड्राइविंग, रेड लाइट जंप, गलत दिशा में वाहन चलाने, अचानक कट मारने और सड़क के बीच सवारी बैठाने जैसे मामलों में प्रभावी चालान के साथ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
‘Repeat Offenders’ पर सिर्फ चालान नहीं, लाइसेंस पर भी कार्रवाई
मनोज कुमार जैन ने बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई का सुझाव दिया है। ऐसे चालकों की पहचान कर उनके ड्राइविंग लाइसेंस अथवा संबंधित अनुमति को निलंबित या रद्द करने की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने ई-रिक्शा की नंबर प्लेट को डिजिटल ट्रैफिक एनफोर्समेंट सिस्टम से प्रभावी रूप से जोड़ने की मांग की, ताकि नियमों की बार-बार अनदेखी करने वाले Repeat Offenders आसानी से पकड़े जा सकें।
हर चौराहे पर अव्यवस्था रोकने के लिए तय हों स्टॉपेज
जैन ने प्रमुख चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ई-रिक्शाओं के लिए निर्धारित स्टॉपेज और पिक-अप/ड्रॉप-पॉइंट बनाने की मांग की है। इसके साथ ही चालकों के लिए नियमित सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का प्रशिक्षण अनिवार्य करने का सुझाव दिया गया है।
‘ई-रिक्शा नहीं, अव्यवस्थित संचालन के खिलाफ हैं’
मनोज कुमार जैन ने साफ किया कि उनकी मांग ई-रिक्शा व्यवस्था को बंद करने की नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित और अनुशासित बनाने की है। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा दिल्ली के आम लोगों के लिए उपयोगी सार्वजनिक परिवहन साधन हैं, लेकिन सार्वजनिक परिवहन की उपयोगिता तभी है जब उसके संचालन में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो।
उन्होंने दिल्ली सरकार और ट्रैफिक पुलिस से लालबत्ती, जेब्रा क्रॉसिंग और पैदल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े उल्लंघनों पर Zero Tolerance Policy लागू करने तथा नियमित enforcement अभियान चलाने की मांग की है।
साफ संदेश: दिल्ली की सड़कों पर सवारी की सुविधा के नाम पर यातायात नियमों की मनमानी स्वीकार नहीं की जा सकती। अब जरूरत सिर्फ चालान की नहीं, बल्कि ई-रिक्शा संचालन की पूरी व्यवस्था को सुरक्षित, जवाबदेह और अनुशासित बनाने की है।
