सत्या निकेतन पीजी घोटाले पर ‘बुलडोजर’ की चुप्पी क्यों?
AAP प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज का भाजपा सरकार पर हमला—230 वर्ग गज की रजिस्ट्री, करीब 600 वर्ग गज में खड़ा अवैध पीजी होने का आरोप
दावा: बिल्डिंग प्लान में महज 175 वर्ग गज निर्माण की अनुमति, 2022 में शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई
नई दिल्ली। सत्या निकेतन के बहुचर्चित पीजी प्रकरण को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार और दिल्ली नगर निगम पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आम आदमी पार्टी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि जिस संपत्ति को लेकर विवाद सामने आया है, उसकी रजिस्ट्री महज 230 वर्ग गज की है, जबकि कथित तौर पर करीब 600 वर्ग गज क्षेत्र में पीजी का निर्माण किया गया है।
भारद्वाज ने सवाल उठाया कि यदि निर्माण वास्तविक भू-क्षेत्र से कहीं अधिक जमीन पर हुआ है तो अतिरिक्त जमीन किसकी है और क्या सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया है? उन्होंने कहा कि रिंग रोड से सटी इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपये में है, ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
175 गज की अनुमति, 600 गज में निर्माण का आरोप
AAP प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, एमसीडी के उपलब्ध बिल्डिंग प्लान के अनुसार पीजी निर्माण के लिए करीब 175 वर्ग गज क्षेत्र में ही निर्माण की अनुमति थी। इसके बावजूद कथित तौर पर लगभग 600 वर्ग गज क्षेत्र में निर्माण किए जाने का आरोप है। ऐसे में सवाल उठता है कि एमसीडी के भवन विभाग ने इतने बड़े निर्माण को कैसे होने दिया और समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की?
2022 की शिकायतों पर भी उठे सवाल
भारद्वाज का दावा है कि वर्ष 2022 में तत्कालीन AAP विधायक और स्थानीय लोगों की ओर से एमसीडी आयुक्त तथा तत्कालीन उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को लिखित शिकायतें दी गई थीं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद निर्माण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
AAP ने इस पूरे मामले में राजनीतिक संरक्षण की आशंका जताते हुए भाजपा नेता और विधायक अनिल शर्मा से कथित संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।
रेखा गुप्ता से सीधा सवाल—बुलडोजर कब चलेगा?
सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को घेरते हुए सवाल किया कि यदि निर्माण नियमों के खिलाफ है तो सरकार कार्रवाई करने से पीछे क्यों हट रही है? उन्होंने पूछा कि जिन अवैध निर्माणों पर सरकार बुलडोजर चलाने का दावा कर रही है, वहां सत्या निकेतन के इस कथित अवैध पीजी पर कार्रवाई कब होगी?
आशीष सूद की चुप्पी पर भी निशाना
AAP ने शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की कथित चुप्पी पर भी सवाल उठाया है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली में अवैध निर्माण और पीजी व्यवस्था को लेकर सरकार लगातार सख्त कार्रवाई के दावे कर रही है, लेकिन सत्या निकेतन के इस मामले में जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा।
AAP ने मांग की है कि पूरे मामले की जमीन के स्वामित्व, स्वीकृत भवन योजना, वास्तविक निर्माण क्षेत्र और सरकारी भूमि से जुड़े रिकॉर्ड की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि सरकारी जमीन पर कब्जा अथवा स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण साबित होता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
