अनधिकृत होर्डिंग-बिलबोर्ड को संरक्षण देने के आरोप में दो निगमकर्मी समेत चार पर सीबीआई का मुकदमा
एमसीडी के विज्ञापन विभाग में रिश्वत का खेल!
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के विज्ञापन विभाग में कथित रिश्वतखोरी और नियमों को ताक पर रखकर अनधिकृत होर्डिंग-बिलबोर्ड को संरक्षण देने का मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने दक्षिण एवं नजफगढ़ जोन के वरिष्ठ सचिवालय सहायक अनिल कुमार उर्फ खत्री, मध्य जोन के क्षेत्र निरीक्षक वेद प्रकाश तथा निजी विज्ञापन कंपनी से जुड़े अनंत कुमार शर्मा और दिलीप पटेल के खिलाफ नियमित मामला दर्ज किया है।
सीबीआई को मिली सूचना के अनुसार, आरोप है कि निगम के संबंधित कर्मचारी निजी व्यक्तियों के साथ मिलीभगत कर निर्धारित नियमों के विपरीत विज्ञापन होर्डिंग, एलईडी डिस्प्ले और बिलबोर्ड लगाने की अनुमति दे रहे थे। आरोप यह भी है कि जिन विज्ञापन स्थलों की निविदा अवधि समाप्त हो चुकी थी, उन्हें भी कथित तौर पर जारी रखने में मदद की जा रही थी।
जांच एजेंसी के मुताबिक, कुछ स्थानों पर स्वीकृत संख्या से अधिक बिलबोर्ड लगाने की अनुमति दिए जाने और इसके बदले कथित तौर पर अवैध आर्थिक लाभ लेने की बात सामने आई है। मामले में निजी कंपनी के निदेशक अनंत कुमार शर्मा और उसके प्रतिनिधि दिलीप पटेल की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
15 और 16 सितंबर की गतिविधियों से बढ़ा शक
सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, 15 सितंबर को वेद प्रकाश ने अनंत कुमार शर्मा से संपर्क कर मुलाकात के लिए कहा था। इसी दिन अनिल कुमार उर्फ खत्री ने भी शर्मा से संपर्क किया। इसके बाद शर्मा और दिलीप पटेल के बीच कथित बातचीत में निगम कर्मचारियों को रिश्वत दिए जाने की बात सामने आने का दावा किया गया है।
सीबीआई के अनुसार, 16 सितंबर को शर्मा ने अनिल कुमार उर्फ खत्री से संपर्क कर शाम को कथित रिश्वत की रकम लेकर आने की बात कही थी। एजेंसी का कहना है कि शर्मा और पटेल रकम की व्यवस्था करने की प्रक्रिया में थे।
मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच की जिम्मेदारी सीबीआई निरीक्षक प्रतीक कुमार को सौंपी गई है।हालांकि, प्राथमिकी में लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
