सहायक उपकरण सिर्फ सहारा नहीं, सम्मान और आत्मनिर्भरता का माध्यम : डॉ. वीरेंद्र कुमार
देशभर में 76 से अधिक स्थानों पर सामाजिक अधिकारिता शिविर, 21 राज्यों के 58 हजार से अधिक दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को ₹68 करोड़ के सहायक उपकरण वितरित
नई दिल्ली, 17 सितंबर। दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने देशभर में व्यापक अभियान चलाते हुए 21 राज्यों के 76 से अधिक स्थानों पर ‘सामाजिक अधिकारिता शिविर’ आयोजित किए। इन शिविरों में 58 हजार से अधिक दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को करीब ₹68 करोड़ की लागत के सहायक उपकरण निःशुल्क वितरित किए गए।नई दिल्ली के लाल किला स्थित लव-कुश रामलीला मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में चांदनी चौक सांसद प्रवीण खंडेलवाल, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की अपर सचिव मनमीत कौर नंदा, एलिम्को के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
कार्यक्रम को देशभर के विभिन्न वितरण केंद्रों से वर्चुअल माध्यम से जोड़ा गया। इससे विभिन्न राज्यों के लाभार्थी, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन और एलिम्को के अधिकारी एक साझा राष्ट्रव्यापी मंच पर जुड़े।डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि “सहायक उपकरण केवल सहायता नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और स्वतंत्र जीवन के सशक्त माध्यम हैं।” उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक देश की विकास यात्रा के सक्रिय भागीदार हैं और सरकार की प्राथमिकता है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि शारीरिक चुनौतियां किसी व्यक्ति की क्षमता को परिभाषित नहीं करतीं। सही अवसर, आत्मविश्वास, साहस और दृढ़ संकल्प से व्यक्ति नई उपलब्धियां हासिल कर सकता है। उन्होंने दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ‘दिव्य कला मेले’ जैसे मंचों और उद्यमिता के अवसरों को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
109 पीएम दिव्याशा-वयोश्री केंद्र संचालित
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में अब तक 109 प्रधानमंत्री दिव्याशा-वयोश्री केंद्र (PMD-VK) संचालित हो चुके हैं। इन केंद्रों के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों को एडीआईपी योजना और वरिष्ठ नागरिकों को राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत सहायक उपकरण एवं संबंधित सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने बाधा-मुक्त एवं सुगम्य वातावरण को केंद्र और राज्य सरकारों की साझा जिम्मेदारी बताते हुए सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों और परिवहन प्रणालियों को अधिक सुगम्य बनाने पर बल दिया।
दिल्ली में 463 लाभार्थियों को 2,450 उपकरण
नई दिल्ली के शिविर में 463 लाभार्थियों, जिनमें 446 वरिष्ठ नागरिक और 17 दिव्यांगजन शामिल रहे, को कुल 2,450 सहायक उपकरण वितरित किए गए। इन उपकरणों का कुल मूल्य ₹34.96 लाख रहा।लाभार्थियों को पूर्व-आकलन के आधार पर मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, वॉकिंग स्टिक, रोलैटर, सुगम्य केन, श्रवण यंत्र, फोल्डेबल वॉकर, ट्राइपॉड, कमोड व्हीलचेयर, कमोड चेयर, नी ब्रेस और एल.एस. बेल्ट सहित विभिन्न उपकरण उपलब्ध कराए गए।
सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्र सरकार और एलिम्को के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सहायक उपकरणों का वितरण जरूरतमंद दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समावेशी, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप है।
एलिम्को के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने कहा कि निगम उपकरणों की गुणवत्ता, उपयोगिता और डिजाइन पर विशेष ध्यान दे रहा है। डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से सेवा वितरण को सरल, पारदर्शी, दक्ष और लाभार्थी-केंद्रित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
राष्ट्रव्यापी शिविरों का आयोजन एलिम्को ने संबंधित जिला प्रशासन के सहयोग से किया। पूर्व-आकलन और परीक्षण शिविरों के जरिए लाभार्थियों की व्यक्तिगत जरूरतों की पहचान कर उनके लिए उपयुक्त उपकरण पहले ही चिन्हित किए गए थे।
